इटली का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन प्रवासी भारतीय की मौत के मामले में अभियोजन पक्ष में शामिल

इटली के सबसे बड़े श्रमिक संगठन ने मंगलवार को कहा कि वह प्रवासी भारतीय श्रमिक की हत्या के मामले में खेत मालिक के खिलाफ अभियोजन पक्ष में शामिल हो रहा है। लैटिना प्रांत में 17 जून 2024 को प्रवासी भारतीय सतनाम सिंह (31) का हाथ एक कृषि उपकरण से कट गया था और ज्यादा खून बहने से उनकी मौत हो गई थी। लैटिना रोम के दक्षिण में एक कृषि प्रधान प्रांत है। आरोप हैं कि खेत के मालिक एंटोनेलो लोवेटो (39) ने हाथ कटने के बाद सिंह को खून से लथपथ हालत में वहीं छोड़ दिया था और एम्बुलेंस भी नहीं बुलाई। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई शुरू हुई जिसमें लोवेटो ने कहा कि जब उसने सिंह को खून से लथपथ हालत में देखा तो वह घबरा गया था। समाचार एजेंसी ‘एएनएसए’ ने अपनी खबर में बताया कि आरोपी ने कहा, ‘‘मैं नहीं चाहता था कि वह मर जाए।’’ अदालत के बाहर श्रमिक संगठन के सदस्यों ने इटली के कृषि क्षेत्र में शोषण करने वाले माहौल और कम वेतन के खिलाफ प्रदर्शन किया। देश के सबसे बड़े श्रमिक संगठन ‘सीजीआईएल’ के महासचिव मौरिजियो लैंडिनी ने संगठन के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘जो हुआ वह किसी से छिपा नहीं है। कम वेतन में और अमानवीय परिस्थितियों में काम कराने की संस्कृति को बदलने की जरूरत है। ’’ समाचार समिति ‘लाप्रेस’ ने लैंडिनी के हवाले से कहा कि ‘सीजीआईएल’ शिकायतकर्ता के रूप में अभियोजन पक्ष में शामिल हो रही है। मुकदमे की अगली सुनवाई 27 मई को होगी।

Apr 2, 2025 - 09:39
 113  45.7k
इटली का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन प्रवासी भारतीय की मौत के मामले में अभियोजन पक्ष में शामिल
इटली का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन प्रवासी भारतीय की मौत के मामले में अभियोजन पक्ष में शामिल

इटली का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन प्रवासी भारतीय की मौत के मामले में अभियोजन पक्ष में शामिल

Haqiqat Kya Hai

इटली में प्रवासी भारतीय की मौत के मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। इटली का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन, जिसे CGIL के नाम से जाना जाता है, अब इस मामले में अभियोजन पक्ष में शामिल हो गया है। यह कदम प्रवासी कामकाजी समुदाय के अधिकारों की रक्षा करने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

पृष्ठभूमि: एक दुखद घटना

इस घटना का संबंध एक युवा भारतीय प्रवासी श्रमिक से है, जो अपने कार्यस्थल पर एक दुर्घटना का शिकार हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, यह श्रमिक अन्य प्रवासी कामकाजी समुदाय के सदस्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत था। जब से यह घटना हुई, तब से इटली में प्रवासी भारतीयों के खिलाफ हो रहे भेदभाव और श्रमिक अधिकारों के उल्लंघन के मुद्दे पर बहस छिड़ गई है।

CGIL का कदम: श्रमिक अधिकारों की रक्षा

CGIL ने इस मामले में अपनी भागीदारी का ऐलान करते हुए कहा कि वह न्याय की लड़ाई में प्रवासी भारतीय के परिवार के साथ खड़ा है। संगठन का मानना है कि इस मामले के माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता बढ़ेगी। CGIL ने अपने सदस्यों से अपील की है कि वे इस संघर्ष में शामिल हों और एकजुटता का प्रदर्शन करें।

प्रवासी कामकाजी समुदाय की प्रतिक्रिया

प्रवासी भारतीयों ने CGIL के इस कदम का समर्थन करते हुए कहा है कि ऐसे संगठनों की आवश्यकता है जो उनके अधिकारों की रक्षा करें। उन्होंने सीमा पार श्रमिकों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा की मांग की है और ऐसे मामलों में ठोस कार्रवाई की अपील की है। प्रवासी समुदाय में इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और उन्होंने कहा है कि वे अपने हक के लिए संगठनों से सहयोग चाहते हैं।

निष्कर्ष: एकजुटता का समय

इटली में प्रवासी भारतीयों की स्थिति को लेकर यह मामला न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों के लिए व्यापक लड़ाई का हिस्सा भी है। CGIL के इस कदम से यह संकेत मिलता है कि श्रमिक अधिकारों के मुद्दे पर साधारण कार्यकर्ता अब एकजुट होकर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। भविष्य में ऐसी पहल अन्य देशों में भी प्रवासी कामकाजी समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

उम्मीद है कि इस मामले को लेकर न्याय होगा और प्रवासी श्रमिकों के मामलों में संवेदनशीलता बढ़ेगी। अधिक अपडेट के लिए, यहां क्लिक करें।

Keywords

Italy migrant death, Indian worker rights, CGIL union involvement, migrant justice, labor rights Italy, Indian diaspora, worker safety issues, migrant community support.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow