भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार से खुले, आस्था की गूंज से सजी धाम

23 April 2026. Chamoli. चभगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट गुरुवार प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल हेतु श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। Continue Reading » The post वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम appeared first on Mirror Uttarakhand.

Apr 24, 2026 - 09:39
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भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार से खुले, आस्था की गूंज से सजी धाम
भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार से खुले, आस्था की गूंज से सजी धाम

भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार से खुले, आस्था की गूंज से सजी धाम

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कम शब्दों में कहें तो, 23 अप्रैल 2026 को भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। इस अवसर पर लगभग 15,000 श्रद्धालुओं ने धाम में उपस्थित होकर भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए और पुण्यलाभ अर्जित किया।

गुरुवार प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर कपाट खुलते ही पूरा बद्रीनाथ धाम आस्था और श्रद्धा से सराबोर हो उठा। इस पावन अवसर की शुरुआत में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा का आयोजन किया, जिसमें देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा गया।

परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में अन्य मंदिरों जैसे लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने तीर्थयात्रियों का आत्मीय स्वागत करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारी की है।

मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से हरित और स्वच्छ चारधाम यात्रा का सहयोग करने का आह्वान किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस यात्रा के शुभारंभ के साथ, बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा।

लोक संस्कृति का रंगारंग प्रदर्शन

कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर परिसर में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया। जिसमें लोक संस्कृति और आस्था की झलक देखने को मिली। इसके अलावा, देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।

भंडारे का शुभारंभ और प्रसाद ग्रहण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम में संचालित भंडारे का रिबन काटकर शुभारंभ किया और श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने भंडारा संचालकों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और मानव सेवा के साथ ईश्वर सेवा की भावना को बढ़ावा देने वाले विशाल भंडारे की सराहना की।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस पावन अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान और अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

इस यात्रा की खास बात यह है कि यह न केवल श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपरा का संरक्षण करने का एक साधन भी है। चमोली में बद्रीनाथ धाम का ये उत्सव हर साल श्रद्धालुओं के लिए एक नई ऊर्जा और सामर्थ्य का संचार करता है।

धाम की सुंदरता और वहां की धार्मिक गतिविधियों की गूंज दूर-दूर तक सुनाई देती है, जो कि श्रद्धालुओं के दिलों में नई उमंग और उत्साह का संचार करती है।

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इस भव्य अवसर की सकारात्मकता और ऊर्जावान वातावरण ने बद्रीनाथ धाम की आस्था को और बल दिया है।

सादर,
टीम हक़ीकत क्या है – कश्मीरा शर्मा

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