मुख्यमंत्री ने ‘एकल महिला स्वरोजगार योजना’ का द्वितीय चरण किया आरंभ, 212 लाभार्थियों को 1.55 करोड़ की सहायता राशि हस्तांतरित
22 July 2026. Dehradun. प्रथम चरण की 276 महिला लाभार्थियों को द्वितीय किश्त के रूप में 1 करोड़ 20 लाख 76 हजार 875 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से Continue Reading » The post ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ, 212 महिला लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में 1 करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित appeared first on Mirror Uttarakhand.
मुख्यमंत्री ने ‘एकल महिला स्वरोजगार योजना’ का द्वितीय चरण किया आरंभ
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कम शब्दों में कहें तो: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। इसमें 212 नई महिला लाभार्थियों को 1 करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई।
22 जुलाई 2026, देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत 212 नई लाभार्थियों को 1 करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई। इसके साथ ही, पहले चरण की 276 महिला लाभार्थियों को द्वितीय किश्त के रूप में 1 करोड़ 20 लाख 76 हजार 875 रुपये की धनराशि भी डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई। इस प्रकार, आज कुल 488 महिला लाभार्थियों को 2 करोड़ 76 लाख 16 हजार 875 रुपये की सहायता दी गई।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि "किसी भी समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति है। जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तब परिवार और समाज भी मजबूत होते हैं। इस योजना का उद्देश्य एकल, निराश्रित, विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं के साथ ही एसिड अटैक पीड़िताओं और अन्य आपराधिक घटनाओं से प्रभावित महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।"
योजना का उद्देश्य और दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने आगे बताया कि इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की परियोजना स्वीकृत की जाती है, जिसमें से 75 प्रतिशत तक अनुदान सरकार द्वारा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि महिलाओं को उनके पैरों पर खड़ा होना और जीवन में सम्मान हासिल करना भी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के प्रयासों को भी प्रमुखता से बताया, जिसमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला आरक्षण, और तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं का अंत शामिल है।
समाज में महिलाओं की भूमिका
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड में लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों में जुड़ी हुई हैं। इस योजना के तहत सरकार ने 15,000 से अधिक महिला उद्यमियों को इन्क्यूबेशन सुविधाएं भी प्रदान की हैं। राज्य सरकार ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे ब्रांडों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचाने के प्रयास में है।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने भी इस योजना की उपयोगिता को बताया, कहाकि "यह योजना एकल महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और आत्मविश्वास प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम है।" उन्होंने लाभार्थी महिलाओं से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना उत्तराखंड की हजारों महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय खोलेगी। इस मौके पर उपस्थित सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास श्री चन्द्रेश कुमार और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
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Team Haqiqat Kya Hai
Priya Sharma
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