मुख्यमंत्री धामी ने खेत में टिलर चलाकर जैविक खेती को दिया जोरदार संदेश

15 June 2026. खटीमा, 15 जून, 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने निजी आवास नगला तराई स्थित खेत में स्वयं टिलर चलाकर खेत की जुताई की तथा Continue Reading » The post मुख्यमंत्री धामी ने खेत में चलाया टिलर, पारंपरिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश appeared first on Mirror Uttarakhand.

Jun 16, 2026 - 00:39
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मुख्यमंत्री धामी ने खेत में टिलर चलाकर जैविक खेती को दिया जोरदार संदेश
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मुख्यमंत्री धामी ने खेत में टिलर चलाकर जैविक खेती को दिया जोरदार संदेश

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारंपरिक और जैविक खेती के महत्व को उजागर करते हुए स्वयं टिलर चलाया। यह कदम न केवल कृषि के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है, बल्कि राज्य में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ भी है। इस कार्यक्रम में उनकी माता श्रीमती बिशना देवी भी उनके साथ थीं।

15 जून 2026 को खटीमा के नगला तराई स्थित अपने निजी आवास में, मुख्यमंत्री ने टिलर चलाते हुए खेत की जुताई की। इसमें उन्होंने प्राकृतिक खाद के रूप में गोबर का उपयोग करके जैविक और पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का स्पष्ट संदेश दिया। इस प्रकार के कदमों से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि यह पर्यावरण के संरक्षण में भी सहायक होता है।

कृषि, संस्कृति और स्थिरता का संबंध

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए पारंपरिक और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है, जिससे कृषि को समृद्ध और स्थायी बनाया जा सके।

कृषि के परंपरागत तरीकों की महत्ता

धामी ने किसानों से अपील की कि वे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करें और जैविक तरीकों की ओर कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि गोबर जैसे प्राकृतिक उर्वरक भूमि की उर्वरता को बढ़ाते हैं और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार किसान की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

युवाओं को कृषि से जोड़ने का समय

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड की पहचान कृषि और ग्रामीण संस्कृति से जुड़ी हुई है। राज्य सरकार पारंपरिक खेती, बागवानी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के जरिए किसानों की सहायता कर रही है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को खेती और ग्रामीण विकास से जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों में भी इस संस्कृति का संरक्षण किया जा सके।

स्वच्छता और पौधरोपण का संदेश

मुख्यमंत्री ने खटीमा स्थित पूर्णागिरि मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर स्वच्छता अभियान चलाया और "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों और आस-पास के क्षेत्रों की स्वच्छता बनाए रखें और पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं।

धामी का कहना था कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही एक जनआंदोलन का रूप ले सकते हैं। यह कदम न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरी देश की स्वच्छता और पर्यावरण में सुधार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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हमारा मानना है कि कृषि में जैविक उपायों को अपनाने से न केवल देश की खाद्य सुरक्षा में वृद्धि होगी, बल्कि यह दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित करेगा।

ध्यान रहे, ये पहल कृषि की दिशा में एक सकारात्मक कदम हैं, और इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा बल्कि यह हमारे पर्यावरण को भी सुरक्षित रखने में मदद करेगी।

इस प्रकार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कदम उत्तराखंड में कृषि को नई दिशा देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हमें इस दिशा में और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि हम अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकें।

टीम हकीकत क्या है: निधि शर्मा

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