शादी के 8 माह बाद पत्नी की संदिग्ध मौत, सचिवालय के कर्मी पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज
DEHRADUN: उत्तराखंड सचिवालय में तैनात एक निजी सचिव की पत्नी की संदिग्ध परिस्थियों में मौत हो गई है। आरोप है कि पति ने दहेज के लिए शिक्षिका पत्नी की हत्या कर दी। इस मामले में पति समेत 3 लोगों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। घटना हर्रवाला चौकी के अंतर्गत की है, जहां […] The post 8 माह पहले हुई शादी, पत्नी की संदिग्ध मौत, सचिवालय के कार्मिक पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज appeared first on Devbhoomi Dialogue.
शादी के 8 माह बाद पत्नी की संदिग्ध मौत, सचिवालय के कर्मी पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज
DEHRADUN: उत्तराखंड के देहरादून में एक निजी सचिव की पत्नी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। आरोप है कि पति ने अपने शिक्षिका पत्नी की हत्या दहेज के लिए की है। इस मामले में पति सहित तीन लोगों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना हर्रवाला चौकी के अंतर्गत हुई है, जहां विवाह के महज आठ महीने बाद सृष्टि कंडारी की संदिग्ध स्थिति में मृत्यु हो गई।
कम शब्दों में कहें तो, यह एक गंभीर मामला है जहां एक शिक्षिका को उसके पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया गया है।
घटना का विवरण
सृष्टि कंडारी, जो पेशे से सरकारी शिक्षिका थीं, का विवाह नवंबर 2022 में देहरादून के हर्रावाला के निवासी सौरभ खत्री से हुआ था। सौरभ खत्री उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं। हाल ही में 29 जुलाई को सृष्टि की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। उनकी मां सीमा कंडारी के द्वारा की गई तहरीर पर डोईवाला थाने में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें बीएनएस की धारा 80 (2) लागू की गई है।
ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप
सृष्टि के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही सृष्टि को मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। यह भी कहा गया है कि ससुराल पक्ष द्वारा उसे "मनहूस" कहकर अपमानित किया जाता था और उसे यह बताया गया कि उसके घर आने के बाद परिवार में अशुभ घटनाएं घटित होने लगी हैं। इसके चलते परिवार के एक सदस्य की मौत का भी उल्लेख किया गया है।
मामले की न्यायिक स्थिति
मृतका की मां ने आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बताया गया है कि सृष्टि ने अपनी मृत्यु से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने अपने ऊपर हो रहे उत्पीड़न का जिक्र किया था। इस वीडियो के बाद उसकी तबियत बिगड़ने पर ससुराल वालों ने उसे कैलाश हॉस्पिटल ले जाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हमें इस घटना से यह सीखने की आवश्यकता है कि दहेज उत्पीड़न के मामलों में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ऐसे मामलों में सार्वजनिक जागरूकता और कानून की प्रगति अत्यंत महत्वपूर्ण है। दहेज प्रथा के खिलाफ समाज में लगातार काम करने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक चिंताजनक स्थिति है। उम्मीद है कि पुलिस इस मामले में गंभीरता से जांच करेगी और सही न्याय प्रदान करेगी।
— टीम हक़ीक़त क्या है, सुमन वर्मा
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