जसपाल राणा के निधन से खेल जगत में शोक की लहर, अंतिम समय की चौंकाने वाली खबर
DELHI: भारत के दिग्गज निशानेबाज और शूटिंग टीम के कोच जसपाल राणा के निधन से खेल जगत मे शोक की लहर है। राणा का 49 साल की उम्र में मैक्स अस्पताल साकेत में आज सुबह निधन हो गया था। तीन दिन पहले हार्ट अटैक के बाद उनको साकेत मैक्स में भर्ती कराया गया था, जहां […] The post जसपाल राणा को आज ही होना था डिस्चार्ज, फिर अचानक ऐसा क्या हो गया? अस्पताल ने बताया appeared first on Devbhoomi Dialogue.
जसपाल राणा के निधन से खेल जगत में शोक की लहर, अंतिम समय की चौंकाने वाली खबर
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कम शब्दों में कहें तो, भारतीय कोच और निशानेबाज जसपाल राणा का निधन खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। 49 वर्ष की आयु में, उनका आज सुबह साकेत के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। तीन दिन पहले ही उन्हें हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जसपाल राणा की बीमारी का विवरण
जसपाल राणा, जो कि भारतीय शूटिंग टीम के कोच थे, को तीन दिन पहले एक्युट हार्ट अटैक आया था। डॉ. बलबीर सिंह, मैक्स अस्पताल के ग्रुप चेयरमैन, के अनुसार, राणा अपनी यात्रा के दौरान अचानक सीने में दर्द के कारण अस्पताल पहुंचे थे। उनकी स्थिति बहुत गंभीर थी, उनकी एक आर्टरी पूरी तरह से ब्लॉक हो चुकी थी। आगे जांच में यह भी पता चला कि उनके दिल का पंपिंग फंक्शन भी बहुत कमजोर था, जिससे उन्हें हार्ट फेलियर हो गया था।
अचानक मौत का कारण
डॉक्टरों ने बताया कि हार्ट अटैक के बाद ऐसे मरीजों को गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। इनमें से एक जटिलता कार्डियक रप्चर होती है, जो अचानक मृत्यु का कारण बन सकती है। राणा की स्थिति में सुधार आ रहा था, और उन्हें आज डिस्चार्ज होने के लिए फिट बताया जा रहा था। लेकिन दुर्भाग्यवश, सोते समय उनका कार्डियक रप्चर हुआ, जिससे उनकी आकस्मिक मौत हो गई।
अंतिम दर्शन और लोगों की प्रतिक्रिया
जसपाल राणा के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके परिवार को सौंप दिया गया है। उन्हें दिल्ली के सैनिक फार्म स्थित उनके निवास पर लाया गया है, जहाँ उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुँच रहे हैं। इसके साथ ही, देहरादून स्थित उनके आवास पर भी वहाँ के लोग अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जमा हो गए हैं।
खेल जगत की प्रतिक्रिया
जसपाल राणा के निधन से खेल जगत में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। वे न सिर्फ एक कोच थे, बल्कि एक प्रेरणा स्रोत भी थे। उनकी मेंटरशिप में कई युवा निशानेबाजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता पाई। उनकी कमी को खेल जगत में हमेशा महसूस किया जाएगा।
इस अपूर्व क्षति को देखते हुए, यह समय है जब हम अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक बने। विशेषज्ञों का सुझाव है कि स्वास्थ्य समस्या के प्रति लापरवाही करने से बचना चाहिए।
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इस दुखद समाचार को साझा करते हुए हमारा दिल भारी हो गया है। हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।
Team Haqiqat Kya Hai - द्वारा प्रियंका वर्मा
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