देहरादून का 16 करोड़ का पुल, बारिश से धंसी एप्रोच रोड - 12 घंटे में शुरू यातायात
DEHRADUN: देहरादून में नंदा की चौकी के पास बने नए नवेले पुल पर 12 घंटे की मशक्कत के बाद यातायात सुचारू हो गया है। मंगलवार सुबह पुल की एप्रोच रोड़ धंस गई थी, यहां बहुत बड़ा गड्ढा हो गया था जिससे पूरे पुल पर खतरा मंडराने लगा था। शाम करीब 7 बजे मरम्मत का काम […] The post एक बारिश नहीं झेल पाया 16 करोड़ का पुल, 12 घंटे बाद यातायात शुरू, एप्रोच रोड़ की मरम्मत का काम पूरा appeared first on Devbhoomi Dialogue.
देहरादून का 16 करोड़ का पुल, बारिश से धंसी एप्रोच रोड - 12 घंटे में शुरू यातायात
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में नया पुल बारिश नहीं झेल पाया और इसके एप्रोच रोड से एक बड़ा गड्ढा हो गया, जिससे यातायात 12 घंटे तक बाधित रहा। लगभग 16 करोड़ की लागत से बने इस पुल की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
DEHRADUN: देहरादून में नंदा की चौकी के पास नए नवेले पुल पर मंगलवार की सुबह आई बारिश के कारण एप्रोच रोड़ धंस गई थी। इस हादसे से पूरे पुल पर खतरा मंडराने लगा, जिसके चलते यातायात को रोक दिया गया था। प्रशासन ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया, और यह कार्य 12 घंटे की मेहनत के बाद शाम करीब 7 बजे पूरा हुआ। इसके बाद ही पुल पर वाहनों की आवाजाही सुचारू हो सकी।
पुल के एप्रोच रोड का धंसना कई सवाल खड़े कर रहा है। गौरतलब है कि पिछले बारिश के मौसम में नंदा की चौकी का पुल बह गया था, और तब से यहां नया पुल बनाने का कार्य जारी था। पिछले महीने ही इस पुल को जनता के लिए खोला गया, जिसमें 16 करोड़ रुपये की लागत आई थी। लेकिन हालिया घटना ने एक बार फिर इस पुल की मजबूती पर सवाल उठा दिए हैं और लोग इसकी लागत पर भी चुटकी ले रहे हैं कि महज 16 दिन में यह पुल इतनी बड़ी समस्या का सामना कर रहा है।
हालांकि, जिले के प्रशासन ने तुरंत से मौके पर विशेषज्ञों की एक टीम भेजी और मरम्मत कार्य को तेजी से पूरा किया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी यातायात का मुद्दा स्थानीय जनता के लिए समस्याजनक न रहे।
जांच के आदेश
एप्रोच रोड धंसने के मामले में शासन ने जांच आदेश दिए हैं और उन जिम्मेदार लोगों को निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू की है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव, पंकज कुमार पांडेय ने प्राथमिक जांच का आदेश देते हुए कहा कि क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून के मुख्य अभियंता को तीन दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। इस रिपोर्ट में घटना के तकनीकी कारण, निर्माण कार्य से जुड़े तथ्य और अभिलेखीय साक्ष्य का उल्लेख होना चाहिए।
सचिव के आदेश में यह भी निर्देश दिया गया है कि विभिन्न सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर जांच की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा टौंस नदी पर बने इस नव-निर्मित पुल के समीप क्षतिग्रस्त हो गया था।
इस स्थिति ने शहरवासियों और अधिकारियों दोनों को चिंतित कर दिया है, क्योंकि भवनंीय सुरक्षा के लिए उपयुक्त मानकों का पालन सुनिश्चित करना अत्यावश्यक है।
अंत में, यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि निर्माण कार्य में केवल लागत ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। खासकर तब, जब हम प्राकृतिक आपात स्थितियों का सामना कर रहे होते हैं।
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सादर,
टीम हक़ीक़त क्या है, नैना शर्मा
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