उत्तराखंड में एसआईआर अभियान की रफ्तार बढ़ी: 88% गणना फार्म वितरित, डिजिटाइजेशन पर ध्यान

संवादसूत्र देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत गणना फार्म वितरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सोमवार शाम 4 बजे तक प्रदेश में 88.48 प्रतिशत गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं। इस बीच अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों […]

Jun 16, 2026 - 00:39
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उत्तराखंड में एसआईआर अभियान की रफ्तार बढ़ी: 88% गणना फार्म वितरित, डिजिटाइजेशन पर ध्यान
उत्तराखंड में एसआईआर अभियान की रफ्तार बढ़ी: 88% गणना फार्म वितरित, डिजिटाइजेशन पर ध्यान

उत्तराखंड में एसआईआर अभियान की रफ्तार बढ़ी: 88% गणना फार्म वितरित, डिजिटाइजेशन पर ध्यान

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत गणना फार्म का वितरण तेजी से हो रहा है। सोमवार को शाम 4 बजे तक, प्रदेश में 88.48 प्रतिशत गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं।

प्रसंग और महत्व

संवादसूत्र देहरादून के अनुसार, उत्तराखंड में चल रहे एसआईआर अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाना है। इस अभियान के तहत, सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तेज गति से गणना फार्म का वितरण सुनिश्चित करें। इस महत्वपूर्ण कार्य का अंजाम देते हुए, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस अभियान की समीक्षा की।

डिजिटाइजेशन पर ध्यान केंद्रित

डॉ. विजय कुमार ने बनाए गए डिजिटाइजेशन और ऑनलाइन सिस्टम के महत्व को भी रेखांकित किया। उनका कहना है कि डिजिटाइजेशन से न केवल प्रक्रिया में गति आएगी, बल्कि इससे डेटा संग्रह और विश्लेषण कार्य भी आसान हो जाएगा। इसके अलावा, यह प्रणाली निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को भी बढ़ाएगी, जिससे जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

गणना फार्म वितरण की प्रक्रिया

गणना फार्म वितरण का कार्य विभिन्न तरीकों से किया जा रहा है, जिसमें घर-घर जाकर वितरण और ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया में सभी जिले भरपूर सहयोग कर रहे हैं, जिससे लक्षित आंकड़े समय पर पूरे किए जा सकें।

जनता का सहयोग और सही आंकड़े

इस महत्वपूर्ण अभियान में सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता है। जनता से निवेदन किया गया है कि वे सही और सटीक सूचना प्रदान करें, ताकि गणना प्रक्रिया में गलती की गुंजाइश कम रहे।

निष्कर्ष

उत्तराखंड में एसआईआर अभियान न केवल चुनावी प्रक्रिया को सशक्त बना रहा है, बल्कि प्रदेश के विकास में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। डिजिटाइजेशन के साथ, यह भविष्य में निर्वाचन प्रक्रिया को और भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने का एक बड़ा कदम है।
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