वंदे मातरम् का आधा गायन: सीएम धामी ने जताया शहीदों के बलिदान का अपमान

20 August 2026. Dehradun. तुष्टीकरण की राजनीति के लिए कांग्रेस ने पहले भी वंदे मातरम् को बांटा, अब फिर उसी मानसिकता को दोहरा रही है: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी Continue Reading » The post वंदे मातरम् के आधे-अधूरे गायन का निर्णय देश की भावनाओं और शहीदों के बलिदान का अपमान: सीएम धामी appeared first on Mirror Uttarakhand.

Aug 21, 2026 - 00:39
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वंदे मातरम् का आधा गायन: सीएम धामी ने जताया शहीदों के बलिदान का अपमान
वंदे मातरम् का आधा गायन: सीएम धामी ने जताया शहीदों के बलिदान का अपमान

वंदे मातरम् का आधा गायन: सीएम धामी ने जताया शहीदों के बलिदान का अपमान

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम् के आधे-अधूरे गायन के निर्णय को देश की भावनाओं और शहीदों के बलिदान का अपमान बताया है।

20 अगस्त 2026, देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा वंदे मातरम् के आधे गायन के संबंध में लिए गए निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस निर्णय को **देशविरोधी मानसिकता** का परिचायक बताया और कहा कि यह कदम लाखों भारतीयों की भावनाओं का अपमान है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

वंदे मातरम्: राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक

सीएम धामी ने कहा कि कांग्रेस ने तुष्टीकरण की राजनीति खेलते हुए पहले भी वंदे मातरम् को बांटने का काम किया है। अब, स्वतंत्रता के दशकों बाद उसी मानसिकता को दोहराया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत की स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।

उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि संभवतः कांग्रेस को यह आपत्ति है कि वंदे मातरम् के पूर्ण गायन में भारत की महान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का स्मरण होता है। उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है, जहां अनेक देवी-देवताओं की आस्था लोगों के दिलों में बसी हुई है। उन्होंने कहा, "यहां मां नंदा-सुनंदा, मां धारी देवी, और अन्य देवी-देवताओं का स्मरण हमारी सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।"

राजनीतिक लाभ बनाम देश की भावनाएं

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या उनके लिए केवल चुनावी लाभ सर्वोपरि है? क्या वे राजनीति के लिए देश की भावनाओं और सांस्कृतिक विरासत के साथ समझौता कर सकती हैं? कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना सभी नागरिकों, साथ ही राजनीतिक दलों का कर्तव्य है।

स्मरण और श्रद्धांजलि

धामी ने कहा कि कांग्रेस को अपने कार्यों के प्रति जवाबदेह रहना होगा। उन्होंने कहा, "क्या कांग्रेस उन अमर शहीदों की भावना के खिलाफ जा रही है, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी?" वंदे मातरम् उन स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष का प्रतीक है, जिन्हें आज हम स्वतंत्र भारत में जीने का अधिकार प्राप्त हुआ है।

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सादर,
टीम हकीकत क्या है (नेहा शर्मा)

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