हनोल जागरा मेला-2026: 13 और 14 सितम्बर को देवी महासू देवी मंदिर में पारंपरिक जागर और सांस्कृतिक कार्यक्रम
3 September 2026. Dehradun. वन डिस्ट्रिक्ट-वन फेस्टिवल की तर्ज पर भव्य एवं आकर्षक स्वरूप में आयोजित होगा हनोल जागरा मेला-2026 13 सितम्बर की रात्रि पारंपरिक जागर, 14 सितम्बर को होंगे Continue Reading » The post श्री महासू देवता मंदिर हनोल जागरा मेला-2026, 13 सितम्बर की रात्रि पारंपरिक जागर, 14 सितम्बर को होंगे विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम appeared first on Mirror Uttarakhand.
हनोल जागरा मेला-2026: 13 और 14 सितम्बर को होंगे भव्य आयोजन
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कम शब्दों में कहें तो, हनोल जागरा मेला-2026 का आयोजन 13 और 14 सितम्बर को होगा, जिसमें पारंपरिक जागर और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। यह आयोजन देहरादून के श्री महासू देवता मंदिर में आयोजित किया जाएगा।
3 सितम्बर 2026 को देहरादून में आयोजित एक बैठक में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने बताया कि इस वर्ष हनोल जागरा मेला विशेष रूप से भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। वन डिस्ट्रिक्ट-वन फेस्टिवल की तर्ज पर मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
प्रमुख आयोजन एवं कार्यक्रम
मेले का प्रमुख आकर्षण 13 सितम्बर की रात को होने वाला पारंपरिक जागर होगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 14 सितम्बर को विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें मंदिर की पृष्ठभूमि में विभिन्न सांस्कृतिक प्रदर्शन, भजनों और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा।
व्यवस्थाओं की तैयारी
जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मिलकर कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती, पार्किंग स्थलों की पहचान और स्पष्ट यातायात प्लान तैयार करने के संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जल, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता व्यवस्था
जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों और दवाओं की भी उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
सड़क एवं परिवहन सेवाएं
मुख्य विकास अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे मेला क्षेत्र में पहुंचने वाले सभी मार्गों को निरीक्षण करें और आवश्यक सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।
निष्कर्ष
हनोल जागरा मेला न केवल स्थानीय संस्कृति को प्रमोट करने का एक अहम अवसर है, बल्कि यह श्रद्धालुओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। इस मेले की भव्यता और व्यवस्थित तरीके से आयोजन से जिले की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।
आप सभी को इस भव्य मेले के लिए तैयारियों की हृदयपूर्वक शुभकामनाएं। इस आयोजन से जुड़ी और जानकारी के लिए कृपया हमारे [वेबसाइट](https://haqiqatkyahai.com) पर विजिट करें।
टीम हक़ीक़त क्या है, सुमित्रा देसाई
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