मैस्कॉट डिज़ाइन और स्लोगन प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित
The post मैस्कॉट डिज़ाइन एवं स्लोगन प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित appeared first on Avikal Uttarakhand. एमडीडीए की नई पहचान को मिली रचनात्मक उड़ान मैस्कॉट प्रतियोगिता में स्नेहा भण्डारी ने प्रथम, अनुराग रमोला को द्वितीय, अंकिता बिष्ट को तृतीय पुरस्कार, स्लोगन प्रतियोगिता में अंकित सिंह रावत… The post मैस्कॉट डिज़ाइन एवं स्लोगन प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित appeared first on Avikal Uttarakhand.
मैस्कॉट डिज़ाइन और स्लोगन प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित
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कम शब्दों में कहें तो, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अपनी नई पहचान को रचनात्मकता से जोड़ा है। इस अवसर पर मैस्कॉट डिज़ाइन और स्लोगन प्रतियोगिता में स्नेहा भण्डारी ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अन्य विजेताओं को भी पुरस्कार से नवाजा गया।
देहरादून। किसी संस्था की पहचान केवल उसके भवनों और योजनाओं से नहीं बनती, बल्कि उसके पीछे की सोच और जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए एमडीडीए ने अपनी पहचान को जनता के रचनात्मकता से जोड़ने की पहल की है। इस प्रतियोगिता का आयोजन 3 अगस्त से 16 अगस्त तक किया गया, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मकता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का महत्व
एमडीडीए की ओर से आयोजित मैस्कॉट डिज़ाइन और स्लोगन प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल एक प्रतीक या स्लोगन चुनना नहीं था, बल्कि प्राधिकरण की सोच और भविष्य की दिशा को रचनात्मक अभिव्यक्ति देना था। यह उन आम लोगों, युवाओं और रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए एक अनूठा अवसर था, जिन्हें अपनी कल्पना के माध्यम से एमडीडीए की पहचान का हिस्सा बनने का मौका मिला।
विजेताओं की घोषणा
इस प्रतियोगिता में विजेताओं का सम्मान समारोह बुधवार को एमडीडीए कार्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्नेहा भण्डारी ने मैस्कॉट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया, जिसके लिए उन्हें 50 हजार रुपये और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा, अनुराग रमोला को द्वितीय पुरस्कार के तहत 30 हजार रुपये और अंकिता बिष्ट को तृतीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपये दिए गए।
स्लोगन प्रतियोगिता में अंकित सिंह रावत को प्रथम पुरस्कार मिला, जिसे 10 हजार रुपये और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया गया। इस प्रकार, प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया है कि किसी संस्था की पहचान उसके कार्यों, सोच और समाज से रिश्ते से बनती है।
रचनात्मकता का सन्देश
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा, "इस प्रतियोगिता में सामने आई रचनात्मकता यह दर्शाती है कि लोगों में एमडीडीए को लेकर अपनी कल्पना और विचार हैं।" उन्होंने प्राधिकरण की कोशिशों के बारे में बताया कि विकास के साथ-साथ जनभागीदारी और नवाचार को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए तिवारी ने यह भी कहा कि जब किसी संस्था की पहचान बनाने की प्रक्रिया में समाज की कल्पना शामिल होती है, तो वह पहचान केवल एक प्रतीक नहीं रह जाती, बल्कि लोगों से जुड़ी कहानी बन जाती है।
इस अनोखे समारोह ने सभी विजेताओं को उनकी शक्ति और रचनात्मकता के लिए न केवल पुरस्कार से नवाजा, बल्कि समाज में उच्च सोच की छवि प्रस्तुत की। किसी भी संस्था का विकास उसके लोगों की सोच और रचना पर निर्भर करता है।
समापन
इस प्रकार, एमडीडीए ने इस पहल के माध्यम से अपनी एक नई पहचान खोजने का प्रयास किया है, जो न केवल रचनात्मकता का प्रतीक बनेगा बल्कि लोगों को भी प्रेरित करेगा कि वे आगे आकर अपनी सहभागिता करें।
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