सीएम धामी ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के बच्चों के लिए विशेष पाठ्यक्रम का उद्घाटन किया
DEHRADUN: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑटिस्टिक बच्चों को सिखाने के लिए खास किताबों के क्लेक्शन, शाइन अवी लर्निंग सेलेबस का शुभारंभ किया। ये विजुअल बेस्ड पाठ्यक्रम अनीता शर्मा द्वारा विशेष बच्चों के लिए खास तरह से तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा शाइन अवी लर्निंग की पहल, शिक्षा को और अधिक सरल, प्रभावी […] The post सीएम धामी ने किया ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के बच्चों के लिए खास तरह का सेलेबस लॉन्च appeared first on Devbhoomi Dialogue.
सीएम धामी ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के बच्चों के लिए विशेष पाठ्यक्रम का उद्घाटन किया
DEHRADUN: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में ऑटिस्टिक बच्चों के लिए एक खास किताबों के संग्रह 'शाइन अवी लर्निंग सेलेबस' का शुभारंभ किया। ये पाठ्यक्रम विशेष रूप से अनीता शर्मा द्वारा ऑटिस्टिक बच्चों की ज़रूरतों के अनुसार विकसित किया गया है। इस पहल का लक्ष्य शिक्षा को अधिक सरल और प्रभावी बनाना है, जिससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर तरीके से शिक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, "शाइन अवी लर्निंग का यह प्रयास न केवल बच्चों के लिए, बल्कि शिक्षा के पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।" उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने हमेशा शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य बच्चों को सिर्फ पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, समझने और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए भी तैयार करना है।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सरकारी पहल
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राज्य में लगभग 5,800 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे विभिन्न विद्यालयों में पंजीकृत हैं। सरकार द्वारा संचालित 11 विशेष विद्यालयों के माध्यम से 1,300 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षण और पुनर्वास संबंधी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारम्भिक और माध्यमिक स्तर पर 300 से अधिक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की गई है और बाकी रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है।
समावेशी शिक्षा का महत्व
धामी ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य एक समावेशी और गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करना है। "हमें यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का प्रत्येक बच्चा अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सके এবং नए भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके। शिक्षा केवल परीक्षा की तैयारी के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए होनी चाहिए," उन्होंने जोड़ा।
अनीता शर्मा और उनकी टीम की सराहना
मुख्यमंत्री ने शिक्षाविद अनीता शर्मा और शाइन अवी लर्निंग की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि अनीता ने विदेश से वापस आकर उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किया है। यह कदम अन्य प्रवासियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल के वर्षों में कई प्रवासियों ने अपने गावों में लौटने और वहां काम करने की इच्छा जताई है।
हमारी संस्कृति और विरासत की रक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमें अपनी विरासत को संरक्षित करना है और अपनी सभ्यता को आगे बढ़ाना है। यह हमारे लिए एक नैतिक जिम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों को उनकी संस्कृति, इतिहास और मूल्यों के साथ संवर्धित शिक्षा प्रदान करें।"
कम शब्दों में कहें तो, सीएम धामी की यह पहल ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो शिक्षा को अधिक समावेशी बनाएगा। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Haqiqat Kya Hai अधिक जानकारी के लिए, देखें Haqiqat Kya Hai।
संजीविका की इस दिशा में आगे बढ़ते हुए, हमें एक नई सोच और दृष्टिकोण के साथ अपने बच्चों के भविष्य के लिए निवेश करना होगा। मुख्यमंत्री धामी की इन पहलों से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा में नए अवसर मिलेंगे, जो उन्हें जीवन में आगे बढ़ने में मदद करेंगे।
सादर,
Team Haqiqat Kya Hai, प्रिया शर्मा
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