Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का अधिकारियों को सख्त निर्देश, आपदा प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में राज्य के सभी जनपदों से अतिवृष्टि,मानसून की स्थिति,चारधाम यात्रा,डेंगू की रोकथाम तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही,शिथिलता अथवा उदासीनता किसी भी स्थिति में […] The post Uttarakhand:-मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का अधिकारियों को निर्देश-आपदा प्रबंधन में लापरवाही किसी भी स्तर पर नहीं होगी बर्दाश्त appeared first on संवाद जान्हवी.

Jul 18, 2026 - 18:39
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Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का अधिकारियों को सख्त निर्देश, आपदा प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का अधिकारियों को सख्त निर्देश, आपदा प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का अधिकारियों को सख्त निर्देश, आपदा प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि लापरवाही, उदासीनता और शिथिलता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में राज्य के सभी जनपदों की स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अतिवृष्टि, मानसून की ट्रैकिंग, चारधाम यात्रा की व्यवस्थाएं, डेंगू की रोकथाम और आपदा प्रबंधन को लेकर सभी अधिकारियों को सख्त आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

अधिकारी ग्राउंड जीरो पर उतरें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सिर्फ बैठकों तक सीमित रहने से मना किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और हर स्थिति पर निरंतर निगरानी बनाए रखें।

  • आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई: सभी जिले 24×7 अलर्ट मोड पर रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
  • डेंगू से रोकथाम का अभियान: युद्ध स्तर पर डेंगू की रोकथाम के लिए जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
  • चारधाम यात्रा व्यवस्थाएं: चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवाजाही, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

हर घटना की जानकारी तुरंत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाएं

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिए कि जिले में होने वाली प्रत्येक महत्वपूर्ण घटना की जानकारी तुरंत मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरतने की बात कही।

सुरक्षा और राहत तंत्र की आवाजाही

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन स्थानों पर भूस्खलन की संभावना अधिक रहती है, वहां पहले से पर्याप्त संख्या में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें और तकनीकी दल तैनात किए जाएं, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके।

तत्काल व्यवस्था का ध्यान रखें

उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर भारी वर्षा अथवा भूस्खलन के कारण बिजली, पेयजल या संचार सेवाएं बाधित होती हैं, तो उनकी बहाली की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

डेंगू के खिलाफ जागरूकता अभियान

डेंगू की रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं तथा पंचायतों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए जाएं।

आपदा प्रबंधन का दायित्व

मुख्यमंत्री धामी ने जोर देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन केवल कागजों पर नहीं, धरातल पर दिखना चाहिए। जनता का विश्वास सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और उसे बनाए रखना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं का लाभ हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान का तीसरा चरण आगामी 15 सितंबर से नए स्वरूप में लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान जनसमस्या के त्वरित समाधान के लिए है, और अधिकारियों को जनता के मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए। उनके अनुसार, आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए समाज की सहभागिता जरूरी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य न केवल आपदा के बाद राहत कार्य करना है, बल्कि आपदा से पहले प्रभावी तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया भी सुनिश्चित करना है।

यह बैठक विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ की गई, जिसमें कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और सतपाल महाराज भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य सामूहिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना और आपदा प्रबंधन हेतु अधिक प्रभावी रणनीतियों का विकास करना था।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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संपादक: साक्षी सिंह

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