लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग से सभी प्रकार के वाहनों की अनुमति, न्यायालय की समिति का ऐतिहासिक निर्णय

KOTDWAR: गढ़वाल और कुमाऊं के बीच दूरियां मिटाने वाले बहुप्रतीक्षित लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग को लेकर एक और अच्छी खबर सामने आई है। इस रोड़ से अब सभी तरह के वाहन गुजर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी ने न्यायालय के आदेश में प्रयुक्त “कमर्शियल वाहन” शब्द को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। गढ़वाल लोकसभा सांसद […] The post लालढांग चिल्लरखाल मार्ग से अब गुजर सकेंगे सभी तरह के वाहन, सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी ने बताया appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Jul 15, 2026 - 00:39
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लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग से सभी प्रकार के वाहनों की अनुमति, न्यायालय की समिति का ऐतिहासिक निर्णय
लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग से सभी प्रकार के वाहनों की अनुमति, न्यायालय की समिति का ऐतिहासिक निर्णय

लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग से सभी प्रकार के वाहनों की अनुमति, न्यायालय की समिति का ऐतिहासिक निर्णय

KOTDWAR: गढ़वाल और कुमाऊं के बीच की दूरी को कम करने वाले बहुप्रतीक्षित लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। अब इस मार्ग से सभी प्रकार के वाहन गुजर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी ने इस संबंध में न्यायालय के आदेश में प्रयोग किए गए "कमर्शियल वाहन" शब्द के संदर्भ में स्पष्टता प्रदान की है।

गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने फेसबुक पर इस निर्णय को एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में स्वागत किया है, और उन्होंने इस खुशखबरी को साझा करते हुए अपार खुशी महसूसी है। सर्वोच्च न्यायालय की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी (CEC) ने अब सवारी गाड़ियों, सरकारी बसों, गढ़वाल मोटर ओनर यूनियन द्वारा संचालित बसों, स्कूल बसों, किसानों के ट्रैक्टर एवं भवन निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों के संचालन की अनुमति दे दी है।

वाहनों का परिचालन और सुरक्षा दिशानिर्देश

सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी के अनुसार, अब इस मार्ग से सवारी गाड़ियां, सरकारी बसें, गढ़वाल मोटर ओनर यूनियन (GMOU) की बसें, स्कूल बसें, किसानों के ट्रैक्टर और भवन निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहन बिना किसी रोक-टोक के गुजर सकेंगे। हालांकि, इन सभी वाहनों को सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ही आने-जाने की अनुमति दी जाएगी, जबकि एंबुलेंस के आवागमन पर कोई रोक नहीं होगी। यह निर्णय चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग

इस निर्णय का महत्व

इस फैसले से क्षेत्र की जनता, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों तथा आम नागरिकों के लिए बड़ा राहत मिलेगी। उल्लेखनीय है कि 11.5 किमी लंबे लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण की मांग लंबे समय से उठ रही थी, लेकिन पर्यावरणीय नियमों को लेकर इसकी प्रगति रुक गई थी। 13 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मार्ग के निर्माण पर लगी रोक को हटा दिया था, लेकिन कमर्शियल वाहनों से संबंधित आदेश ने स्थिति को जटिल बना दिया था। अब, सीईसी के इस स्पष्ट आदेश ने भ्रम की स्थिति को समाप्त कर दिया है।

राज्य सरकार ने भी इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था के रूप में नियुक्त किया गया है और इसके टेंडर जल्द ही जारी किए जा सकते हैं।

कम शब्दों में कहें तो, लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग के विकास से विकास की नई संभावनाओं का द्वार खुला है, जो क्षेत्र के आर्थिक विकास में सहायक होगा।

इस निर्णय की बुनियाद पर आधारित विभिन्न प्रकार की सेवाओं और सुविधाओं की शुरुआत से क्षेत्र के लोगों का जीवन स्तर सुधर सकता है। लोगों के लिए सुविधा, रोजगार के नए अवसर और कृषि की समस्याओं का समाधान भी संभव होगा।

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साभार, टीम हकीकत क्या है, साक्षी शर्मा

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