Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून मास्टर प्लान 2041 की प्रक्रिया में तेजी

देहरादून के सुनियोजित,संतुलित और दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण(एमडीडीए)ने मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस मास्टर प्लान को जनभागीदारी आधारित,पर्यावरण संतुलित और आधुनिक शहरी जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा […] The post Uttarakhand:-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में देहरादून मास्टर प्लान 2041 की कवायद तेज appeared first on संवाद जान्हवी.

Apr 5, 2026 - 14:12
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Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून मास्टर प्लान 2041 की प्रक्रिया में तेजी
Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून मास्टर प्लान 2041 की प्रक्रिया में तेजी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून मास्टर प्लान 2041 की प्रक्रिया में तेजी

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कम शब्दों में कहें तो, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने देहरादून के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में तेजी ला दी है। यह पहल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व के तहत जनभागीदारी और पर्यावरण संतुलन को प्राथमिकता देते हुए की जा रही है।

शेयर की गई एक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान को जनभागीदारी, पर्यावरण संतुलन और आधुनिक शहरी आवश्यकताओं के अनुसार विकसित किया जा रहा है।

प्रमुख पहल एवं उद्देश्य

  • प्राकृतिक विरासत का संरक्षण: मास्टर प्लान में प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की योजनाएँ, जैसे कि नदी, जंगल और हरियाली की रक्षा की जाएगी।
  • उच्चस्तरीय बैठक: डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में एक बैठक में मास्टर प्लान पर विचार-विमर्श किया गया।

शनिवार को एमडीडीए कार्यालय में आयोजित बैठक में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने मास्टर प्लान के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस बैठक में प्राधिकरण के अन्य प्रमुख अधिकारियों ने भी भाग लिया।

जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि मास्टर प्लान को पूरी तरह जनकेंद्रित बनाया जाएगा। इस सिलसिले में प्रत्येक वार्ड में विशेष कैंप का आयोजन करके नागरिकों की आपत्तियों और सुझावों को लिया जाएगा। यह प्रक्रिया पारदर्शिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को विकास प्रक्रिया में शामिल करने का एक अवसर भी प्रदान करेगी।

यातायात और आधारभूत संरचना पर ध्यान

तेजी से बढ़ती जनसंख्या और यातायात दबाव को देखते हुए, मास्टर प्लान में सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन और पार्किंग सुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल दिया जाएगा। शहर के विभिन्न हिस्सों में ट्रैफिक जाम की समस्याओं के समाधान के लिए नए कॉरिडोर, बाईपास और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रस्तावित किए जाएंगे।

पर्यावरण संरक्षण की प्राथमिकता

देहरादून का प्राकृतिक सौंदर्य और हरित क्षेत्र उसकी पहचान है, और इसी को ध्यान में रखते हुए, मास्टर प्लान में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। नदी तटों के संरक्षण, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और ग्रीन जोन विकसित करने की योजनाएँ बनाई जा रही हैं।

आपत्तियों का त्वरित निस्तारण

मास्टर प्लान से संबंधित आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के लिए एक नई समिति का गठन किया गया है। यह समिति सभी आपत्तियों की सुनवाई समयबद्ध ढंग से करेगी, जिससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

मसूरी के लिए अलग विजन

बैठक में मसूरी के मास्टर प्लान पर भी चर्चा की गई, जिसमें अधिकारियों ने बताया कि मसूरी को एक मॉडल हिल स्टेशन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

समन्वय और क्रियान्वयन

मास्टर प्लान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया जाएगा। शहरी विकास, परिवहन, पर्यावरण और पर्यटन विभाग इस योजना को लागू करेंगे ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।

विशिष्टता और व्यवहारिकता पर जोर

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह देहरादून के भविष्य को आकार देने के लिए एक महत्तवपूर्ण योजना है। यह जनभागीदारी और पारदर्शिता के साथ तैयार किया जा रहा है।

निवेश के नए अवसर

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 देहरादून के विकास की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इससे नए निवेश के अवसर भी पैदा होंगे।

संतुलित विकास पर ध्यान

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी इस बात की पुष्टि की कि मास्टर प्लान 2041 को पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

इसके अलावा, नई समिति का गठन भी समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से आपत्तियों के निस्तारण को सुनिश्चित करेगा।

इस तरह, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण और राज्य सरकार की यह पहल देहरादून के सुनियोजित और संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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Team Haqiqat Kya Hai - नेहा शर्मा

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