कानपुर: डी-कोड और सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर के बीच महत्वपूर्ण एमओयू, कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने कहा- यह समझौता शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में मील का पत्थर है
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक की प्रेरणा और मार्गदर्शन में डी-कोड(D-CODE) और सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर,फतेहगढ़,फर्रुखाबाद के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक ने भारतीय सेना के पराक्रम,अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को […] The post Kanpur:-डी-कोड एवं सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर फतेहगढ़ के मध्य एमओयू,कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने कहा-एमओयू शिक्षा एवं राष्ट्रनिर्माण की दिशा में एक मील का पत्थर appeared first on संवाद जान्हवी.
कानपुर: डी-कोड और सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर के बीच महत्वपूर्ण एमओयू
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कम शब्दों में कहें तो, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक के नेतृत्व में D-CODE और सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर फतेहगढ़ के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम प्रस्तुत करने में सहायता करेगा।
कार्यक्रम में कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने भारतीय सेना के अनुशासन, पराक्रम और राष्ट्र सेवा की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि यह एमओयू शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।
शिक्षा का नया आयाम
एमओयू के तहत, विश्वविद्यालय ने सैनिकों की शिक्षा के लिए नए कार्यक्रमों की शुरूआत करने का वादा किया है। प्रोफेसर विनय पाठक ने जोर दिया कि सैनिकों के द्वारा देश की सुरक्षा में दिया जाने वाला योगदान अविस्मरणीय है, और ऐसे शैक्षिक सहयोग उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- सीएसजेएमयू सैनिकों की शिक्षा को देगा नये आयाम।
- एमओयू सैनिकों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास-ब्रिगेडियर मनीष जैन।
- सेना की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए विश्वविद्यालय तत्पर-प्रति कुलपति।
- एमओयू समारोह में सीएसजेएमयू और सेना के अधिकारी शामिल हुए।
सैनिकों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम
ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन ने इस समझौते की सराहना की और इसे सैनिकों को बेहतर शैक्षिक अवसर प्रदान करने का एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने आशा जताई कि इस एमओयू के माध्यम से युवा सैनिक अपनी सेवा के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत विकास पर भी ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
कौशल विकास की दिशा में नया प्रयास
कार्यक्रम में उपस्थित प्रति कुलपति प्रोफेसर सुधीर कुमार अवस्थी ने बताया कि विश्वविद्यालय देश की रक्षा करने वाली सेना के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विश्वविद्यालय हमेशा सेना की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए तत्पर रहेगा।
शैक्षिक गतिविधियों का प्रदर्शन
इस अवसर पर, D-CODE द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इस फिल्म में सैनिकों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले कई शैक्षणिक कार्यक्रमों एवं अवसरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का सफल संचालन D-CODE के सह निदेशक डॉ. विमल कुमार सिंह ने किया। समारोह में कमांडेंट, कर्नल गौरव बोस, डिप्टी कमांडेंट और अन्य सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी भी उपस्थित थे।
इस एमओयू से न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम खुलेंगे, बल्कि यह पहल सैनिकों की बौद्धिक एवं व्यक्तिगत विकास में भी मील का पत्थर साबित होगी।
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