Dehradun: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में संपन्न हुई एनकोर्ड की 11वीं बैठक, नशीले पदार्थों पर चर्चा
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय नेशनल कोआर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट(NCORD) की 11वीं बैठक संपन्न हुयी। बैठक के दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध व्यापार को रोके जाने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से बात कर […] The post Dehradun:-मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में संपन्न हुई राज्य स्तरीय नेशनल कोआर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट की 11वीं बैठक appeared first on संवाद जान्हवी.
Dehradun: नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
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कम शब्दों में कहें तो मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन के नेतृत्व में नेशनल कोआर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (एनकोर्ड) की 11वीं बैठक में नशीले पदार्थों के तस्करी और अवैध व्यापार को रोकने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बीते बुधवार को, सचिवालय में संपन्न हुई इस बैठक में विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने बैठक में नशीले पदार्थों के इर्द-गिर्द के तस्करी के मामलों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर बल दिया। इस संदर्भ में, उन्होंने सभी संबंधित विभागों और जनपदों से अगले 15 दिनों में मादक पदार्थों के निवारण के लिए रोडमैप प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बैठक के मुख्य बिंदु
बैठक में, मुख्य सचिव ने कहा, "हमें एक ठोस रोडमैप चाहिए, ताकि नशीली दवाओं के मामलों का तत्काल समाधान किया जा सके।" उन्होंने यह भी आदेश दिए कि जनपद स्तरीय एनकोर्ड बैठकों का समय पर आयोजन होना चाहिए।
मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि व्यवसायिक मात्रा में पकड़ी गई मादक पदार्थों के मामलों का सक्रियता से अनुसरण किया जाना चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने नशीली दवाओं की सप्लाई चैन को तोड़ने के लिए पुलिस विभाग को आवश्यक कदम उठाने को कहा।
ड्रग्स के प्रति जागरूकता कार्यक्रम
महत्वपूर्ण बात यह है कि मुख्य सचिव ने स्कूली बच्चों के लिए ड्रग्स के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की भी आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अंतर्गत, शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग क्लब बनाने और गुटखा एवं तंबाकू की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की बात कही गई।
इसके साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश में मादक पदार्थों के उपयोग पर एक सर्वेक्षण भी कराया जाए, ताकि स्थिति का सही आंकलन किया जा सके और नशीली दवाओं के जाल को खत्म किया जा सके।
डी-एडिक्शन सेंटर्स की जांच
बैठक में मुख्य सचिव ने प्राईवेट डी-एडिक्शन सेंटर्स की नियमित जांच करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो सेंटर मानक अनुसार नहीं चल रहे हैं, उन्हें बंद किया जाए। इसके अलावा, गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल में समर्पित ड्रग इंस्पेक्टर की नियुक्ति पर भी चर्चा की गई।
राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों में भी डी-एडिक्शन के लिए कुछ बेड डेडिकेट करने की बात उठाई गई, जिससे मरीजों को उपचार में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन का प्रचार
मुख्य सचिव ने एन.सी.बी. द्वारा संचालित राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 (मादक पदार्थ निषेध सूचना केन्द्र) के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। सभी हितधारक विभागों से कहा गया कि वे हेल्पलाइन की जानकारी अपने कार्यालयों में प्रदर्शित करें ताकि आम जनता को सहायता मिल सके।
इस अवसर पर डीजी इंटेलीजेंस अभिनव कुमार, सचिव शैलेष बगौली, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भारणे, अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह और अन्य जनपदों के जिलाधिकारी और एसएसपी भी मौजूद थे।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना है। मुख्य सचिव के नेतृत्व में यह प्रयास स्पष्ट करता है कि सरकार इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से ले रही है।
इसके अलावा, सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से भी इस समस्या से निपटा जा सकता है। हमारे सामूहिक प्रयास ही इस घातक समस्या के समाधान का रास्ता निर्मित कर सकते हैं।
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