मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में ऊर्जा परियोजनाओं पर की विस्तृत चर्चा
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में ऊर्जा परियोजनाओं पर की विस्तृत चर्चा
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कम शब्दों में कहें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ दिल्ली में उत्तराखंड की ऊर्जा आवश्यकताओं और विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा की। इसमें जल विद्युत परियोजनाएं, पम्प्ड स्टोरेज और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम जैसे विषय शामिल रहे।
नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने उत्तराखंड की ऊर्जा आवश्यकताओं, जल विद्युत परियोजनाओं, पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) पर जोर दिया। इस चर्चा में पिटकुल की एडीबी (ADB) द्वारा सहायता प्राप्त पारेषण परियोजना जैसे कई महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने भारत सरकार द्वारा केंद्रीय पूल से अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय विद्युत मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, एल-नीनो की संभावित परिस्थितियों, वर्षा में कमी और जलाशयों में कम जलागम के चलते आगामी महीनों में जल विद्युत उत्पादन प्रभावित हो सकता है। चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के दौरान विद्युत मांग में वृद्धि की संभावना देखते हुए, मुख्यमंत्री ने जुलाई 2026 के लिए 150 मेगावाट और अगस्त 2026 के लिए 200 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत केंद्रीय पूल से उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए विशेष वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर भी जोर दिया, विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर जल विद्युत परियोजनाओं के लिए। उन्होंने अगले पांच वर्षों में राज्य में लगभग 10 गीगावाट पम्प्ड स्टोरेज क्षमता के विकास के लिए 7,800 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता तथा वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) की मांग की।
उन्होंने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की स्वीकृत क्षमता को 500 मेगावाट आवर से बढ़ाकर 665 मेगावाट आवर करने की बात भी उठाई, ताकि राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं और ग्रिड स्थिरता को बनाए रखा जा सके। साथ ही, पिटकुल की 3,638.26 करोड़ रुपये की लागत वाली एडीबी सहायतित पारेषण परियोजना पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि एडीबी द्वारा परियोजना के लिए मूल 80:20 ऋण एवं राज्यांश (ADB Loan : Counterpart Funding) की व्यवस्था को उचित रूप से बनाए रखने की आवश्यकता है। वे यह भी मानते हैं कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) द्वारा तकनीकी रूप से उपयुक्त मानी गई इस परियोजना के लिए सरकार का सहयोग आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत एवं ऊर्जा आत्मनिर्भरता के संकल्प' को पूरा करने में उत्तराखंड की जल विद्युत क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत सरकार का सहयोग राज्य के ऊर्जा क्षेत्र और आधारभूत संरचना को नई दिशा देगा।
केंद्रीय विद्युत मंत्री ने मुख्यमंत्री के सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया। इस बैठक का परिणाम राज्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
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