प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण: मुख्यमंत्री धामी का उद्घाटन
3 May 2026. Dehradun. राम मंदिर से केदारनाथ पुनर्निर्माण तक, देश में हो रहा सांस्कृतिक पुनर्जागरण : मुख्यमंत्री 22 अप्रैल से शुरू चारधाम यात्रा में 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं Continue Reading » The post 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ सनातन संस्कृति का स्वर्णिम काल : मुख्यमंत्री धामी appeared first on Mirror Uttarakhand.
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण: मुख्यमंत्री धामी का उद्घाटन
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का स्वर्णिम काल शुरू हुआ है, जिसमें देशभर में धार्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रक्रिया चल रही है।
देहरादून से 3 मई 2026 की रिपोर्ट अनुसार, मुख्यमंत्री धामी ने राम मंदिर से लेकर केदारनाथ के पुनर्निर्माण तक की प्रक्रिया को सांस्कृतिक जागरण का मुख्य तत्व बताया। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए हैं।
सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण
मुख्यमंत्री ने आयोजन के दौरान कहा, “देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।" उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस क्षेत्र का सांस्कृतिक मूल्य हर हाल में सुरक्षित रहना चाहिए।
ऋतु चारधाम यात्रा का महत्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आना, उत्तराखंड के प्रति श्रद्धालुओं की स्थायी आस्था को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि चारधाम यात्रा ने उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को गतिशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक और केदारनाथ के पुनर्निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य आए हैं।
स्थानीय विकास और रोजगार
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि शीतकालीन यात्रा की शुरुआत स्थानीय लोगों को रोजगार देने और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की स्थायी आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
आधुनिक सुविधाओं का विकास
उन्होने केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर के निर्माण की बात की, जिससे यात्रा का समय कम होगा और धार्मिक पर्यटन में नई गति आएगी।
उत्तराखंड में संतुलित विकास
मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों का विकास भविष्य की पीढ़ियों की भलाई के लिए किया जाए। इस उद्देश्य के लिए, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास पर जोर दिया जा रहा है।
समाज को एकजुट करना
उन्होंने आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने में मदद करते हैं और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं।
इसतरह, मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को एक नई दिशा देने की दिशा में सरकार के विकास कार्यों की महत्वपूर्णता को स्पष्ट किया है।
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