उत्तराखंड वन विकास निगम के रजत जयंती समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विशेष उपस्थिति, कुमाऊं में होगा नया कार्यालय
29 April 2026. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड वन विकास निगम स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “रजत जयंती समारोह” Continue Reading » The post मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड वन विकास निगम के ‘रजत जयंती समारोह’ में किया प्रतिभाग, कुमाऊं में भी खुलेगा वन विकास निगम का कार्यालय appeared first on Mirror Uttarakhand.
उत्तराखंड वन विकास निगम के रजत जयंती समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विशेष उपस्थिति, कुमाऊं में होगा नया कार्यालय
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कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखंड वन विकास निगम ने 25 वर्षों की सफलता का जश्न मनाते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नए कार्यालय की स्थापना की घोषणा की और पर्यावरण की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
29 अप्रैल 2026 को, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड वन विकास निगम के स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “रजत जयंती समारोह” में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने कुमाऊं मंडल में वन विकास निगम का नया कार्यालय खोलने की घोषणा की। इसके साथ ही, मौन पालन को बढ़ावा देने हेतु वन क्षेत्र में बी-बॉक्स स्थापित करने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने की दिशा में निर्देश भी दिए। कार्यक्रम के दौरान, निगम के कर्मचारियों के बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।
वन विकास निगम का महत्व
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि वन विकास निगम एक महत्वपूर्ण संस्थान है जो राज्य की इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों के लिए महत्वपूर्ण कार्य करता है। निगम का कार्य वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, वन उत्पादों के टिकाऊ दोहन, आरक्षित वन क्षेत्रों में खनन, और इको-टूरिज्म संचालन में सहायता प्रदान करना शामिल है।
उन्होंने बताया कि निगम का लक्ष्य केवल आर्थिक गतिविधियों के दायरे में ही सीमित नहीं है; बल्कि यह सूखे, मृतप्राय और उखड़े हुए पेड़ों को हटाकर नए वन क्षेत्र विकसित करने में भी सहयोग कर रहा है। इसके साथ ही, निगम इको-टूरिज्म के जरिए युवाओं और छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रहा है।
उन्नत तकनीक का प्रयोग
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर “हिमकाष्ठ” नामक मोबाइल एप्लीकेशन का लोकार्पण भी किया। इस एप्लीकेशन के माध्यम से लोग वन विकास निगम से लकड़ी की बिक्री कर सकेंगे और फॉरेस्ट गुड्ज का ऑनलाइन ऑक्शन भी होगा। उन्होंने बताया कि इस आधुनिक ई-नीलामी प्रणाली ने व्यापार को सुगम बनाने में अहम योगदान दिया है।
आर्थिक सफलताएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड वन विकास निगम ने अपनी 25 वर्षों की यात्रा में कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में, निगम ने 167 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जो संसाधनों के सही उपयोग और स्पष्ट नीति का प्रमाण है।
इकोलॉजी और इकोनॉमी का संतुलन
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की अनमोल प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि घने जंगल, ऊँचे शिखर, विशाल ग्लेशियर, और समृद्ध जैव विविधता हमारी संस्कृति और लोक परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं। राज्य सरकार इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
पर्यटकों से अपील
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों से अपील की कि वे अपने साथ जंगल सफारी या धार्मिक स्थल की यात्रा के दौरान सफाई बनाए रखें। इस छोटे से प्रयास से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा सकता है।
वन मंत्री का वक्तव्य
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में इकोनॉमी और इकोलॉजी के समन्वय के साथ वन संरक्षण के कार्य लगातार जारी हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में वन विकास निगम ने 627 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। उन्होंने नवाचारों पर विशेष ध्यान देने की बात भी कही।
इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, मोहन सिंह बिष्ट, सुरेश गड़िया, प्रमोद नैनवाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र, सचिव सी. रविशंकर और प्रबंध निदेशक वन विकास निगम नीना ग्रेवाल भी उपस्थित थीं।
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