मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों के समाधान के लिए विशेष अभियान संबंधी निर्देश दिए
17 April 2026. Dehradun. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन-1905 पर 30 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष Continue Reading » The post सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए – मुख्यमंत्री appeared first on Mirror Uttarakhand.
सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान की घोषणा
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन-1905 पर लंबित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने का आदेश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 30 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों का उचित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
17 अप्रैल 2026 को, देहरादून में सचिवालय में आयोजित सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को फोर्स क्लोज करने के लिए जिलाधिकारी या संबंधित सचिव की संस्तुति आवश्यक है। यदि किसी अधिकारी ने बिना उचित कार्यवाही के शिकायत को फोर्स क्लोज किया, तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी।
ग्राहक संतुष्टि प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन-1905 केवल एक दूरभाष संख्या नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लोगों की अपेक्षाओं और विश्वास का प्रतीक है। हर शिकायत का निस्तारण तब तक नहीं हो सकता जब तक शिकायतकर्ता पूर्ण संतुष्टि का अनुभव न करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
नियमित समीक्षा की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी स्तर पर प्रत्येक सप्ताह और विभागीय सचिव स्तर पर कम से कम दो बार शिकायतों की समीक्षा की जानी चाहिए। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करना और उनका फीडबैक प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।
आधुनिक तकनीक का उपयोग
बैठक में यह जानकारी दी गई कि शिकायतों के प्रभावी प्रबंधन के लिए ए.आई. डेटा संचालन और शिकायत प्रबंधन पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे शिकायतों का पूर्वानुमान और प्रमुख समस्याओं की पहचान की जा रही है। ग्रीष्मकाल में पेयजल, ऊर्जा और शहरी विकास से संबंधित शिकायतों पर प्राथमिकता से काम किया गया है।
अधिकतम शिकायतों के निस्तारण पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने उन अधिकारियों से चर्चा की जिन्होंने सबसे अधिक शिकायतों का निस्तारण किया है। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज गुसाई और अभिनव रावत की सराहना की। इन अधिकारियों ने सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की और समस्याओं के समाधान के लिए विशेष सेल की स्थापना की है।
सीधे संवाद का महत्व
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से भी बात की। देहरादून की विना ढींगरा ने एनपीएस पेंशन में देरी की समस्या उठाई, जिस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि 2 दिन के भीतर समस्या का समाधान करें। हरिद्वार के तरुण सिंह ने पानी निकासी की समस्या बताई, जिस पर भी मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस प्रकार, मुख्यमंत्री का यह अभियान केवल शिकायतों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी तंत्र और नागरिकों के बीच विश्वास और संवाद को बढ़ाने के लिए भी है। सीएम हेल्पलाइन को गंभीरता से लेना और उसकी समयबद्धता को सुनिश्चित करना वर्तमान जनहित में आवश्यक बताया गया है।
आधिकारिक जानकारी अनुसार, इस पहल के तहत आगे की निगरानी और समाधान तंत्र को मजबूत किया जाएगा ताकि प्रत्येक शिकायत का प्रभावी तरीके से समाधान किया जा सके।
सीएम हेल्पलाइन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उत्तराखंड के लोग सरकारी सेवाओं से लाभान्वित होकर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकेंगे।
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सादर, Team Haqiqat Kya Hai (अनुजा शर्मा)
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