शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी ने लंबे कार्यकाल के बाद रिटायरमेंट लिया, दी गई भावभीनी विदाई

The post शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी लंबे कार्यकाल के बाद  रिटायर appeared first on Avikal Uttarakhand. शिक्षा मंत्री ने दीर्घ व उत्कृष्ट सेवा की प्रशंसा की अविकल उत्तराखण्ड देहरादून। बेसिक व संस्कृत शिक्षा निदेशक समेत अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही कंचन देवराड़ी 30 अप्रैल ,गुरुवार को… The post शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी लंबे कार्यकाल के बाद  रिटायर appeared first on Avikal Uttarakhand.

May 1, 2026 - 09:39
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शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी ने लंबे कार्यकाल के बाद रिटायरमेंट लिया, दी गई भावभीनी विदाई
शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी ने लंबे कार्यकाल के बाद रिटायरमेंट लिया, दी गई भावभीनी विदाई

शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी ने लंबे कार्यकाल के बाद रिटायरमेंट लिया, दी गई भावभीनी विदाई

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कम शब्दों में कहें तो, शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी ने 30 अप्रैल को अपने लंबे और सफल कार्यकाल के बाद रिटायरमेंट लिया। विदाई समारोह में उन्हें शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

देहरादून: बेसिक एवं संस्कृत शिक्षा निदेशक के रूप में कार्यरत कंचन देवराड़ी ने 30 अप्रैल, 2026 को रिटायरमेंट लिया। उनके सेवा को देखते हुए विभाग ने एक भावनात्मक विदाई समारोह आयोजित किया, जहाँ शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने उनके योगदान की सराहना की।

कंचन देवराड़ी का करियर

कंचन देवराड़ी ने 1990 में शिक्षा के क्षेत्र में प्रवक्ता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद, उन्होंने 1997 में लोक सेवा आयोग में चयनित होकर कई प्रमुख पदों पर काम किया, जिसमें प्रधानाचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी शामिल हैं। उनके कार्यकाल के दौरान, उन्होंने शिक्षा प्रशासन में दक्षता और पारदर्शिता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी कार्यशैली और अनुशासन ने उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बना दिया। 2024 में बड़ी पदोन्नति के बाद उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, जिसमें अपर निदेशक (प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा) और निदेशक संस्कृत शामिल थे।

विदाई समारोह में सम्मान

रिटायरमेंट के अवसर पर, उपस्थित सभी अधिकारियों ने कंचन जी की कार्यशैली को सराहा और उन्हें शुभकामनाएं दीं। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि "उनकी उपलब्धियां हमेशा याद रखी जाएंगी और आगामी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।"

व्यक्तिगत जीवन

कंचन देवराड़ी का जन्म 30 अप्रैल 1966 को देवप्रयाग, टिहरी गढ़वाल में हुआ था। उनके पति, डी.पी. देवराड़ी, भी एक पूर्व संयुक्त निदेशक हैं और शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उनके परिवार के सदस्य भी शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।

उनकी शिक्षा का सफर भी प्रेरणादायक था: उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, देवप्रयाग से पूर्ण की और फिर एम.के.पी. महाविद्यालय से स्नातकोत्तर किया। वर्तमान में, वह एस.जी.आर.आर. विश्वविद्यालय, देहरादून से शिक्षा शास्त्र में पीएच.डी. कर रही हैं।

इस अवसरे पर उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे, जिसमें उनके बेटे अमित और कैलाश, पुत्रवधू मृदुला और बेटी गौरी शामिल थीं। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में सफल करियर बना रहे हैं।

अंत में एक संदेश

कंचन देवराड़ी के समर्पण और योगदान को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उनकी विदाई न केवल उनके करियर की समाप्ति है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय का आरंभ भी है। भविष्य में भी उनकी प्रेरणादायक कहानी बच्चों और शिक्षकों को आगे बढ़ने के लिए ऊर्जा प्रदान करेगी।

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Signed off by: राधिका कुमारी, Team Haqiqat Kya Hai

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