मुख्यमंत्री ने रक्षा बंधन पर माताओं और बहनों का किया आभार व्यक्त, महिलाओं का स्वावलंबन है प्राथमिकता
DEHRADUN: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आई बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने बहनों का आत्मीयता से स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया और सभी प्रदेशवासियों को रक्षा बन्धन की शुभकामनाएं दीं। […] The post राखी बांधने पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर की बहनों का जताया आभार, कहा महिलाओं का स्वावलंबन पहली प्राथमिकता appeared first on Devbhoomi Dialogue.
मुख्यमंत्री ने रक्षा बंधन पर माताओं और बहनों का किया आभार व्यक्त
DEHRADUN: बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय पर प्रदेशभर से आई बहनों का हार्दिक स्वागत किया। बहनों ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधते हुए उनके स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं और बहनों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
कम शब्दों में कहें तो मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि रक्षा बंधन भाई-बहन के अटूट बंधन का प्रतीक है, जो भाई-बहन के आपसी स्नेह, विश्वास और सुरक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा, "प्रदेश की मातृशक्ति और बहनों का प्यार और आशीर्वाद मुझे उत्तराखंड की सेवा और विकास में नई प्रेरणा देता है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मातृशक्ति, न केवल परिवार की मजबूत आधारशिला हैं, बल्कि समाज और देश के विकास में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे उपाय
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण और स्वावलंबन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा, "हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लखपति दीदी की परिकल्पना को उत्तराखंड में तेजी से लागू कर रहे हैं, जिसके तहत राज्य में 3 लाख 09 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।" स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं स्थानीय उत्पादों, कृषि, हस्तशिल्प, और स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं तथा प्रदेश की आर्थिकी में योगदान दे रही हैं।
सरकारी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 'मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना', 'मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना' और 'मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना' जैसी कई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की क्षमता को पहचानना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने राज्य निर्माण से लेकर विकास तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कृषि, उद्यमिता, और सामाजिक विकास में अपनी योग्यता साबित कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही उत्तराखंड और भारत के विकास के लक्ष्यों को हासिल किया जा सकेगा।
इस परिप्रेक्ष्य में, मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों से अपील की कि वे माताओं और बहनों का सम्मान करें और उन्हें सशक्त बनाने के लिए मिलकर कार्य करें।
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यह समाचार टीम हक़ीक़त क्या है द्वारा संकलित किया गया है।
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