उत्तराखंड की नई EV-Policy: धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले एक नजर में

DEHRADUN:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में कैबिनेट बैठक हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 17 प्रस्तावों पर मुहर लगी।जिनमें सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य और कार्मिक विभाग से जुड़े फैसले शामिल हैं। ऋषिकेश में बनेगा कैंसर इंस्टीट्यूट  कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा एक और अहम फैसला ऋषिकेश में प्रस्तावित कैंसर इंस्टीट्यूट […] The post उत्तराखंड में बनेगी नई EV-Policy,  जल्दी से जानिए धामी कैबिनेट के बड़े फैसले appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Aug 26, 2026 - 00:39
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उत्तराखंड की नई EV-Policy: धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले एक नजर में
उत्तराखंड की नई EV-Policy: धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले एक नजर में

उत्तराखंड की नई EV-Policy: धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले एक नजर में

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई नीति बनाने के साथ ही स्वास्थ्य, परिवहन और सहकारिता विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। यह निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक

DEHRADUN: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में कैबिनेट की बैठक की, जिसमें कुल 17 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य और कार्मिक विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।

ऋषिकेश में बनेगा कैंसर इंस्टीट्यूट

कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। ऋषिकेश में प्रस्तावित कैंसर इंस्टीट्यूट को मंजूरी मिल गई है, और इसके लिए अंत्योदय फाउंडेशन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही, इस परियोजना के लिए स्टांप ड्यूटी में छूट का प्रावधान भी किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की नई पहल

स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली। चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकी संवर्ग को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन का निर्णय लिया गया है, जो दवाइयों और सर्जिकल सामग्री की खरीद का कार्य संभालेगा।

नई EV Policy बनाने का निर्णय

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे देश के विभिन्न राज्यों में लागू इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों का अध्ययन करें और उसके बाद उत्तराखंड के लिए एक नई Electric Vehicle Policy तैयार करें। यह नीति राज्य की विशेष परिस्थितियों और इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रोत्साहन देने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बनाई जाएगी।

हाइब्रिड वाहनों के लिए राहत खत्म

कैबिनेट ने उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को भी मंजूरी दी है। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि CNG वाहनों को ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट जारी रहेगी, जबकि हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही राहत वापस ले ली गई है।

उपनलकर्मियों को समान वेतन

सैनिक कल्याण विभाग के तहत उपनल कर्मियों को समान वेतन और समान कार्य का लाभ तीन चरणों में प्रदान किया जाएगा। 1 जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मचारियों को महंगाई भत्ता भी मिलेगा।

अग्निवीरों के लिए विशेष प्रकोष्ठ की स्थापना

अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ का गठन करने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए 6 पदों को मंजूरी दी गई है।

नई सहकारिता नीति का अनुमोदन

कैबिनेट ने केंद्र की राष्ट्रीय सहकारी नीति 2026 के अनुरूप उत्तराखंड की नई सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत सहकारी क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने का प्रयास होगा।

NCDC के लिए जमीन का प्रस्ताव

हरिद्वार में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के लिए एक एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।

लोकायुक्त व्यवस्था में बदलाव

उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम-2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए खोजबीन समिति-2026 के गठन को भी मंजूरी मिली है, जिससे लोकायुक्त व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाई जा सकेगी।

कर्मचारियों के समायोजन की योजना

उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली-2026 को भी हरी झंडी दे दी गई है। इसके तहत, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को दूसरे सरकारी विभागों में समायोजित करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया है।

मलिन बस्तियों के निवासियों के लिए राहत

देहरादून के रिस्पना नदी किनारे के काठबंगला में बने 116 आवासों से जुड़े मामले में सरकार ने निर्णय लिया है कि इन आवासों में रहने वाले मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 फीसदी राशि अब राज्य सरकार वहन करेगी।

शहरी विकास विभाग की योजनाएं

शहरी विकास के लिए कैबिनेट ने पेयजल और सीवरेज से जुड़े कार्यों को भी मंजूरी दी, जिससे शहरी निकायों में जल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर किया जा सके।

अडाणी ग्रुप को दिया पावर प्लांट

यूपीसीएल की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट को न्यूनतम बोली के आधार पर 25 साल के लिए अडानी ग्रुप को दिया गया है।

अंत में कहा जा सकता है कि उत्तराखंड सरकार के इन फैसलों से प्रदेश में विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इन कदमों का उद्देश्य स्वास्थ्य, परिवहन और सहकारिता के क्षेत्र में सुधार लाना है, जिससे लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।

यह सब जानने के लिए और अधिक अपडेट्स के लिए, आप हमारी वेबसाइट Haqiqat Kya Hai पर जा सकते हैं।

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