उत्तराखंड: एसआइआर प्रक्रिया में अनियमितताएँ - कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से किया ज्ञापन सौंपने का विरोध
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में बुधवार को कांग्रेसजनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन प्रेषित करते हुए एसआइआर प्रक्रिया के दौरान हो रही अनियमितता एवं एक व्यक्ति के नाम से 150 से अधिक आपत्तियां दर्ज होने पर विरोध जताते हुए इस सम्बन्ध में कार्रवाई की मांग की। […] The post Uttarakhand:-एसआइआर प्रक्रिया के दौरान हो रही अनियमितता पर विरोध जताते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से साथ की मुख्य निर्वाचन अधिकारी से भेंट appeared first on संवाद जान्हवी.
उत्तराखंड में एसआइआर प्रक्रिया में अनियमितताओं पर कांग्रेस का जोरदार विरोध
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कम शब्दों में कहें तो, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में हुआ प्रतिनिधिमंडल कार्यप्रणाली की अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिला है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की है। इस समाचार के माध्यम से हम आपको इस मुद्दे की गहराई में ले चलते हैं और यह समझाते हैं कि कांग्रेस क्या चाहती है।
बुधवार को कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एसआइआर प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं और एक ही व्यक्ति के द्वारा 150 से अधिक आपत्तियां दर्ज करने पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की। गणेश गोदियाल ने कहा कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ है।
अनियमितताओं का विवरण
गणेश गोदियाल ने आगे कहा कि उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया 29 मई 2026 को प्रारंभ हुई। प्रारूप निर्वाचक नामावली 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित हुई। इस दौरान दावे और आपत्तियों की दाखिल करने की अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक निर्धारित की गई थी। हालांकि, इस प्रक्रिया के बीच कई गंभीर परिवर्तनों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि समय-समय पर कई आपत्तियां दर्ज की गईं, लेकिन बार-बार आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्तियों द्वारा फॉर्म-7 के सामूहिक दाखिल करने का दुरुपयोग किया जा रहा है। यह एक चिंताजनक स्थिति है, विशेष रूप से तब जब आपत्तियां बिना किसी प्रामाणिकता के दर्ज की जा रही हैं।
कांग्रेस का कड़ा आरोप
गणेश गोदियाल ने कहा कि फॉर्म-10 के आंकड़ों का विश्लेषण दिखाता है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा 150 से अधिक आपत्तियां दर्ज की गई हैं। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि उन आपत्तियों की प्रामाणिकता पर सवाल उठता है। ऐसे मामलों में खासकर जब एक ही व्यक्ति विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में फॉर्म-7 दाखिल कर रहा है, तो यह सवाल उठता है कि क्या यह प्रक्रियाओं को प्रभावित करने की कोशिश है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के दुरुपयोग से निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गहरा प्रभाव पड़ता है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अनुसार, ऐसे झूठी घोषणाएं गंभीर अपराध मानी जाती हैं। यदि कोई एक व्यक्ति इस प्रकार से अनियमितता कर रहा है, तो इसका परिणाम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के रूप में सामने आ सकता है।
कांग्रेस की मांगें और अपेक्षाएँ
कांग्रेस ने मांग की है कि संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों और निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए जाएं कि वे उन मामलों की जांच करें जहाँ एक ही व्यक्ति विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में फॉर्म-7 दाखिल कर रहा है। यदि ऐसे आपत्तिकारियों की प्रामाणिकता स्थापित नहीं होती है, तो उनकी आपत्तियाँ प्रारंभिक स्तर पर ही अस्वीकार कर दी जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए ताकि किसी एक वास्तविक मतदाता का नाम बिना उचित सत्यापन के न हटाया जाए। यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि सभी दावों और आपत्तियों का सही तरीके से सत्यापन किया जाए।
उपसंहार
कांग्रेस पार्टी ने हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल स्पष्ट करता है कि वे किसी भी प्रकार की अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह अपील की कि तत्काल उचित कार्रवाई की जाए ताकि इन अनियमितताओं को खत्म किया जा सके और उत्तराखंड में चुनावी प्रक्रिया की प्रामाणिकता को पुनर्स्थापित किया जा सके।
इस ज्ञापन में गणेश गोदियाल के अलावा प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, एसआइआर समिति सदस्य एवं प्रदेश सचिव अमेन्द्र सिंह बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह और अन्य कई प्रमुख नेता शामिल थे।
इस प्रकार, कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवाल न केवल चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि आम जनता के विश्वास को पुनर्स्थापित करने का कार्य भी करते हैं।
यह लेख "हकीकत क्या है" के रूप में उन घटनाओं और मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है जिनका सामना उत्तराखंड की कांग्रेस कर रही है। अधिक अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें।
Team Haqiqat Kya Hai
नाम: साक्षी अग्रवाल
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