ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में एआई रीजनिंग पर विशेष कार्यशाला का आयोजन

The post ग्राफिक एरा में एआई रीजनिंग पर कार्यशाला appeared first on Avikal Uttarakhand. देहरादून। ग्राफिक एरा में विशेषज्ञ ने छात्र-छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उन्नत तर्क क्षमता (रीजनिंग), आधुनिक लैंग्वेज मॉडल्स, चेन-ऑफ-थॉट प्रॉम्प्टिंग, टेस्ट-टाइम स्केलिंग और एजेंटिक एआई जैसे उभरते क्षेत्रों की जानकारी… The post ग्राफिक एरा में एआई रीजनिंग पर कार्यशाला appeared first on Avikal Uttarakhand.

Apr 21, 2026 - 00:39
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ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में एआई रीजनिंग पर विशेष कार्यशाला का आयोजन
ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में एआई रीजनिंग पर विशेष कार्यशाला का आयोजन

ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में एआई रीजनिंग पर विशेष कार्यशाला का आयोजन

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कम शब्दों में कहें तो, ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय में एक अद्वितीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इस कार्यशाला में विशेषज्ञों ने छात्रों को नवीनतम तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

देहरादून। ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में आज “लैंग्वेज मॉडल्स के जरिए तर्क क्षमता” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल रिसर्च साइंटिस्ट निकेत टंडन ने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उन्नत तर्क क्षमता (रीजनिंग) के विकास और इसके व्यावहारिक उपयोगों के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि कैसे एआई ने पारंपरिक सांकेतिक तरीकों को पीछे छोड़ते हुए आधुनिक लैंग्वेज मॉडल्स के माध्यम से समस्याओं के समाधान को अधिक प्रभावी और सटीक बनाया है।

निकेत टंडन ने अपने प्रेजेंटेशन में “चेन-ऑफ-थॉट” प्रॉम्प्टिंग की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया, जो एआई की सोचने की क्षमता को मजबूत बनाती है। उन्होंने यह भी बताया कि टेस्ट-टाइम स्केलिंग किस प्रकार एआई के प्रदर्शन में सुधार करता है और एजेंटिक एआई कैसे स्वायत्त निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। कार्यशाला में छात्रों को टूल-आधारित एआई सिस्टम के बढ़ते उपयोग और उनके वास्तविक जीवन में प्रभाव के बारे में भी जानकारी दी गई।

कार्यशाला की विशेषताएँ

यह कार्यशाला ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग, एनवीडिया सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, आईईईई और यूटोपिया के संयुक्त प्रयास से आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में डीन ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स डॉ. डी आर गंगोडकर, विभागाध्यक्ष डॉ. देवेश प्रताप सिंह, और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहे।

साइबर सुरक्षा पर विशेष वर्कशॉप

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में भी एक और महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को साइबर खतरों, नेटवर्क फॉरेंसिक और एआई आधारित जोखिमों के बारे में जानकारी दी गई। इस वर्कशॉप में आईआईटी कानपूर के मुख्य रणनीति अधिकारी डॉ. आनंद हांडा ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर थ्रेट्स जैसे हैकिंग, वायरस और धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके लिए जागरूकता बेहद आवश्यक है।

उन्होंने समझाया कि डिजिटल और नेटवर्क फॉरेंसिक की मदद से अपराधों की जांच और हमलावरों की पहचान संभव है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साइबर हमले के बाद त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होती है। इस कार्यशाला का संचालन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किया गया, जिसमें विभाग के हेड डॉ. अनुपम सिंह और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

इस प्रकार, ग्राफिक एरा में आयोजित ये कार्यशालाएँ छात्रों को एआई और साइबर सुरक्षा की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। ये कार्यक्रम न केवल छात्रों के ज्ञान में वृद्धि करेंगे, बल्कि उन्हें इन क्षेत्रों में करियर बनाने के अवसर भी प्रदान करेंगे।

इसके साथ ही, एजेंटिक एआई के क्षेत्र में छात्रों को उभरते अवसरों और चुनौतियों से अवगत कराना भी इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य है। जहां एक ओर एआई तकनीकें विकसित हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर सुरक्षा की जरूरत भी मौलिक हो गई है।

इसके बारे में और जानकारी के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें

हमारे इस विशेष कार्यक्रम ने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के छात्रों को नवीनतम तकनीकी कदमों से अवगत कराने का एक महत्वपूर्ण कार्य किया है।
Team Haqiqat Kya Hai, द्वारा, राधिका शर्मा

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