उत्तराखंड विधानसभा का तीसरा सत्र 27 अक्टूबर से गैरसैंण में शुरू होगा, राज्यपाल ने दी स्वीकृति
उत्तराखण्ड के माननीय राज्यपाल ने उत्तराखण्ड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत किया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार,विधानसभा का तृतीय सत्र मंगलवार,27 अक्टूबर 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे से विधानसभा भवन,भराड़ीसैंण(गैरसैंण),जनपद चमोली में प्रारंभ होगा। ऋतु खण्डूडी भूषण अध्यक्ष विधानसभा उत्तराखंड ने कहा कि मेरा सचिवालय […] The post Uttarakhand:-उत्तराखण्ड की पंचम विधानसभा का तृतीय सत्र 27 अक्टूबर से गैरसैंण में होगा प्रारंभ,राज्यपाल ने विधानसभा सत्र आहूत करने की दी स्वीकृति appeared first on संवाद जान्हवी.
उत्तराखंड विधानसभा का तृतीय सत्र 27 अक्टूबर से गैरसैंण में शुरू होगा
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का तृतीय सत्र 27 अक्टूबर 2026 को गैरसैंण में शुरू होगा, जिसका अनुमोदन माननीय राज्यपाल ने किया है।
उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल, श्रीमती गरिमा मिश्रा, ने राज्य की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत किया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी एक प्रेस नोट के अनुसार, यह सत्र मंगलवार, 27 अक्टूबर, 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे से विधानसभा भवन, भराड़ीसैंण (गैरसैंण), जनपद चमोली में प्रारंभ होगा।
सत्र की तैयारी और अध्यक्ष की टिप्पणियाँ
ऋतु खंडूडी भूषण, अध्यक्ष विधानसभा उत्तराखंड, ने कहा कि उनका सचिवालय पूरी तरह तैयार है और आवश्यक औपचारिक कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने अपने वक्तव्य में इस बात पर जोर दिया कि यह सत्र राज्य की नीति और विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अहम मुद्दे जिन पर चर्चा होगी
सत्र के दौरान मुख्य रूप से विकास, सुरक्षा, और बजट सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विधानसभा में कड़े प्रतिनिधित्व की वजह से यह संभव है कि यहां विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बहस एवं प्रस्ताव भी प्रभावी सिद्ध हों। इस बार सत्र में पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और राज्य के प्रमुख विकास योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गैरसैंण की भूमिका
गैरसैंण, जो कि उत्तराखंड की दूसरी विधान सभा है, यहां होने वाले सत्र को स्थानीय लोगों तथा पहाड़ी क्षेत्रों के विकास में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यह कई वर्षों से एक राजनीतिक मुद्दा रहा है कि विधान सभा का मुख्यालय देहरादून के बजाय गैरसैंण में होना चाहिए, ताकि पहाड़ों के विकास की दिशा में वास्तविक प्रयास किए जा सकें।
संक्षेप में
इस सत्र के माध्यम से राज्य की सरकार और विधानसभा अपेक्षाकृत नये नियमों और योजनाओं को लागू करने की दिशा में कई प्रस्ताव लाने की उम्मीद कर रही है। यह सत्र स्थायी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और गरिमा की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी उचित व्यवस्था की जा रही है ताकि सत्र सुचारू रूप से चल सके।
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