Uttarakhand:-मुख्यमंत्री धामी की बड़ी घोषणा-उत्तराखंड में अब 60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज बसों में मिलेगा मुफ्त सफर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा,सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाने की घोषणा की है। इन टॉयलेट्स में स्वच्छता के साथ-साथ महिलाओं की निजता,सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति की गरिमा और […] The post Uttarakhand:-मुख्यमंत्री धामी की बड़ी घोषणा-उत्तराखंड में अब 60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज बसों में मिलेगा मुफ्त सफर appeared first on संवाद जान्हवी.

Aug 29, 2026 - 00:39
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Uttarakhand:-मुख्यमंत्री धामी की बड़ी घोषणा-उत्तराखंड में अब 60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज बसों में मिलेगा मुफ्त सफर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा,सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाने की घोषणा की है। इन टॉयलेट्स में स्वच्छता के साथ-साथ महिलाओं की निजता,सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

  • प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत देहरादून में 10 पिंक ई-बसें महिलाओं को समर्पित होंगी,चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में मिलेगी सुविधा।
  • महिला स्वरोजगार योजना में रियायती बैंक ऋण की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख करने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा।
  • मातृशक्ति की गरिमा,सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर बनेंगे आधुनिक हाईटेक टॉयलेट।
  • महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता:-मुख्यमंत्री धामी।
  • रक्षाबंधन पर चकरपुर में बहनों ने मुख्यमंत्री धामी को बांधी राखी,मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में दीं कई सौगातें।
  • मातृशक्ति की गरिमा और सुविधा के अनुरूप प्रदेश में बनेंगे हाईटेक टॉयलेट।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति की गरिमा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों,बाजारों,पर्यटन स्थलों और अन्य आवश्यक स्थानों पर आधुनिक एवं सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराकर महिलाओं के लिए अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा।

महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में 60 वर्ष की आयु से मुफ्त सफर की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की कि प्रदेश में वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में उपलब्ध मुफ्त सफर की सुविधा को महिलाओं के लिए 60 वर्ष की आयु से लागू किया जाएगा। इससे प्रदेश की अधिकाधिक बुजुर्ग महिलाओं को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

10 पिंक ई-बसें महिलाओं को होंगी समर्पित

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत उत्तराखंड को मिलने वाली 137 इलेक्ट्रिक बसों में से देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तारित किया जाएगा,ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके।

महिला स्वरोजगार योजना में ऋण की सीमा बढ़ाकर ढाई लाख रुपये की जाएगी

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

चकरपुर में मुख्यमंत्री ने बहनों से बंधवाई राखी

रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उपस्थित बहनों ने मुख्यमंत्री को भाई-बहन के अटूट प्रेम,स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षासूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का अभिवादन करते हुए उन्हें रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

बहनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उनके लिए अत्यंत शुभ और भावनात्मक है। उन्होंने कहा कि बहनों का प्रेम और स्नेह उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। यही प्रेम उन्हें अधिक मेहनत और ऊर्जा के साथ प्रदेश की जनता की सेवा करने की शक्ति देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं,बल्कि भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम,विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व भी है। जब हम एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारियों का संकल्प लेते हैं और सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं,तो रिश्ते और मजबूत होते हैं। भारतीय संस्कृति में बहन के स्नेह और भाई के संकल्प का यह रिश्ता सदियों से परिवार,समाज और संस्कारों को मजबूत करने की प्रेरणा देता आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व हमें समाज के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का भी बोध कराता है तथा मातृशक्ति के सम्मान का संदेश देता है। हमारे शास्त्रों में भी कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है,वहां देवताओं का वास होता है। एक भाई अपनी बहन के सम्मान,सुरक्षा और खुशहाली को अपना धर्म मानता है। इसी भावना के साथ राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान,सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से मातृशक्ति को अपनी नीतियों और योजनाओं में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने नारी सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित नहीं रखा,बल्कि धरातल पर योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए हैं। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से महिलाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया,मुद्रा योजना के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार के लिए पूंजी उपलब्ध कराने का अवसर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराकर उनकी रसोई को धुएं से मुक्त करने का कार्य किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से घर-घर शौचालय का निर्माण कर महिलाओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को भी सशक्त किया है। लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में भी मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। नंदा गौरा योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक सरकार उनका साथ दे रही है। योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर ₹11 हजार तथा कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने पर ₹51 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के माध्यम से बच्चे के जन्म के बाद मां और शिशु की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपयोगी सामग्री से युक्त किट उपलब्ध कराई जा रही है। 181 महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा और सहायता का भरोसा दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की महिलाएं केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाली न बनें,बल्कि हर क्षेत्र में आगे बढ़कर नेतृत्व करें और रोजगार देने वाली बनें। इसी सोच के साथ राज्य में स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि महिलाएं अपना व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए सभी विकासखंडों में केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। देहरादून में प्रदेश के सभी 13 जिलों के उत्पादों की बिक्री के लिए 13 सेंटर स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट उत्पाद तैयार कर रही हैं और अब उनके उत्पादों की मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 3 लाख 9 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि है। उन्होंने बहनों का आह्वान करते हुए कहा कि अब लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति बनने का लक्ष्य रखें। सरकार इस यात्रा में उनके साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के मजबूत होते आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ें और नए कीर्तिमान स्थापित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं एक भाई के रूप में हमेशा अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी के साथ निभाऊंगा।” उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता माताओं और बहनों की सेवा है। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह गर्व की बात है कि वे देवभूमि उत्तराखंड में अपनी माताओं-बहनों के भाई और बेटे के रूप में सेवा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि जब तक उत्तराखंड की प्रत्येक बहन सम्मानित,सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं हो जाती,तब तक राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ प्रदेश की उन्नति और मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री मोहिनी पोखरिया,ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा,शोभा राणा,कुलविंदर कौर,हरिकेश चंद,पूनम,ममता चुफाल,मंडल अध्यक्ष माया जोशी,भागीरथी खोलिया,अंजना अडो,पूर्व ग्राम प्रधान शोभा राणा,रेखा राणा,गीता,लक्ष्मी,चंद्रकला रौतेला,विमला,सरोज कुशवाह,जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी,दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी,रणदीप पोखरिया,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित सैकड़ों बहनें उपस्थित रहीं।

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