Uttarakhand: प्रमुख सचिव ने राजाजी एवं फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के ईको-सेंसेटिव जोन पर किया विचार-विमर्श

प्रमुख सचिव,पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन आर.के.सुधांशु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में राजाजी नेशनल पार्क एवं फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के प्रस्तावित ईको-सेंसेटिव जोन के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय उद्यानों के प्रस्तावित ईको-सेंसेटिव जोन के क्षेत्रफल एवं विस्तार, जोनल मास्टर प्लान,निगरानी समिति तथा जोन के अंतर्गत प्रतिबंधित,विनियमित […] The post Uttarakhand:-प्रमुख सचिव ने राजाजी नेशनल पार्क एवं फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के प्रस्तावित ईको-सेंसेटिव जोन के संबंध में ली बैठक appeared first on संवाद जान्हवी.

Oct 15, 2026 - 18:39
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Uttarakhand: प्रमुख सचिव ने राजाजी एवं फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के ईको-सेंसेटिव जोन पर किया विचार-विमर्श
Uttarakhand: प्रमुख सचिव ने राजाजी एवं फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के ईको-सेंसेटिव जोन पर किया विचार-विमर्श

Uttarakhand: प्रमुख सचिव ने राजाजी एवं फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के ईको-सेंसेटिव जोन पर किया विचार-विमर्श

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कम शब्दों में कहें तो, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में राजाजी नेशनल पार्क एवं फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के लिए प्रस्तावित ईको-सेंसेटिव जोन पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस बात पर गहराई से चर्चा की गई कि इन राष्ट्रीय उद्यानों के लिए किस तरह से ईको-सेंसेटिव जोन की स्थापना की जा सकती है जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय जनभावनाओं का भी ध्यान रखे।

बैठक में यह महत्वपूर्ण बिंदु उठाया गया कि ईको-सेंसेटिव जोन के प्रस्ताव पारिस्थितिकी संरक्षण और स्थानीय जनभावनाओं के बीच संतुलन बनाकर तैयार किए जाने चाहिए। आर.के. सुधांशु ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारियों को इस कार्य के सभी पहलुओं का गहन परीक्षण करना होगा और आवश्यक कार्यवाही को सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) से भी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।

राजाजी नेशनल पार्क के ईको-सेंसेटिव जोन के संबंध में प्रमुख सचिव ने यह भी सुनिश्चित किया कि आगामी कैबिनेट बैठक में उन समस्याओं के समाधान पर चर्चा की जाएगी जो वर्तमान में हालात को प्रभावित कर रही हैं। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार विधिक परामर्श भी लिया जाएगा, ताकि राज्य की स्थिति को अनुशासित किया जा सके।

फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के ईको-सेंसेटिव जोन पर चर्चा करते हुए, प्रमुख सचिव ने क्षेत्र की आवाजाही और पर्यटकों की वहन क्षमता के संबंध में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों, पर्यटन विभाग और अन्य विभागों से रिपोर्ट एकत्रित करके प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

सुधांशु ने बैठक में सलाह दी कि क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावों का समुचित परीक्षण किया जाए। यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय हितों का ध्यान रखा जाए।

बैठक में सचिव वन सी. रविशंकर, पीसीसीएफ (वन्यजीव) नीना ग्रेवाल, सीसीएफ साकेत, निदेशक नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व पंकज कुमार, डीएफओ केदारनाथ रजत सुमन, अपर सचिव अभिषेक रुहेला, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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इस बैठक के जरिए जो महत्वपूर्ण बातें उठाई गई हैं, वे न केवल पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों की संवेदनाओं और आवश्यकताओं के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। हमें उम्मीद है कि इन प्रस्तावों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

Team Haqiqat Kya Hai, सिमा कुमारी

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