हरिद्वार में धामी कैबिनेट के 13 अहम फैसले: छोटे अपराधों पर नया दृष्टिकोण और अग्निवीरों के लिए आरक्षण
HARIDWAR: धामी कैबिनेट की बैठकों का दायरा सचिवनालय से निकलकर अलग अलज जगहों पर जा रहा है। बनबसा के बाद अब हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। मेला नियंत्रण सभागार में हुई बैठक में कैबिनेट ने राज्य के समग्र विकास, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी […] The post छोटे अपराध नहीं माने जाएंगे क्राइम, अग्निवीर आरक्षण पर संशोधन, हरिद्वार में धामी कैबिनेट की बैठक में लिए गए 13 फैसले appeared first on Devbhoomi Dialogue.
हरिद्वार में धामी कैबिनेट के 13 अहम फैसले: छोटे अपराधों पर नया दृष्टिकोण और अग्निवीरों के लिए आरक्षण
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार में हुई कैबिनेट बैठक में 13 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इन फैसलों में छोटे अपराधों को अपराध नहीं मानने का प्रस्ताव और अग्निवीरों के लिए आरक्षण में संशोधन शामिल हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में योजनाओं का संचालन भी किया जाएगा।
हरिद्वार में आयोजित कैबिनेट की इस बैठक का उद्देश्य राज्य के विकास को गति देना और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देना था। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनके नेतृत्व में लिए गए फैसले जनता के कल्याण को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं। धामी ने यह भी बताया कि कैबिनेट की बैठकों का स्थान सचिवालय से बाहर निकाला गया है, ताकि वे स्थानीय समस्याओं की बेहतर समझ बना सकें।
बैठक में लिए गए 13 फैसले
- उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास कानून में संशोधन की मंजूरी: राज्य के विकास के लिए निवेश और आधारभूत संरचना अधिनियम में संशोधन किया गया है। इसके तहत 92 प्रतिशत आय संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को मिलेगी।
- द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026: इस विधेयक के द्वारा छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का प्रावधान करने के दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
- पंचम विधानसभा सत्र की मंजूरी: 2026 में होने वाले तीसरे सत्र के आयोजन को मंजूरी दी गई।
- सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह 'ग' के वर्दीधारी पदों पर नई नियमावली: अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में छूट देने के लिए नई नियमावली बनाई गई है।
- प्रधानमंत्री एवं भारत सरकार के प्रति आभार: राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया गया।
- उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026: इससे बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग को विनियमित किया जाएगा।
- मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी का गठन: संस्थान का विकास भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
- उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026: अग्निशामक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नया कानून लाने का प्रस्ताव दिया गया है।
- संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित संशोधन: संस्कृति विभाग के प्रबंधन में सुधार के लिए वित्तीय अधिकारों में बदलाव किया जाएगा।
- स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता: ये पद 2026 से 2027 तक जारी रहेंगे।
- हरिद्वार में किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग में शिथिलता: इसके अंतर्गत परियोजना के लिए मार्ग चौड़ाई में लचीलापन प्रदान किया जाएगा।
- ऊधमसिंह नगर में भू-उपयोग परिवर्तन में त्रुटि सुधार: खसरा संख्या की गलतियों को सुधारने की मंजूरी दी गई।
- मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना: बहादुरी का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए यह योजना बनाई गई है।
खास बातें
यह निर्णय न केवल उत्तराखंड के विकास को नई राह दिखाते हैं, बल्कि यह सरकार की नई नीतियों को भी स्पष्ट करते हैं। छोटे अपराधों को कानून से बाहर करने का फैसला इससे प्रभावित लोगों की मानसिकता को भी बदलने की उम्मीद जगाता है।
इन महत्वपूर्ण निर्णयों पर गहराई से विचार करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं और जनहित में सर्वोच्च प्राथमिकता का पालन कर रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से भी अपील की कि वे इन योजनाओं के लाभ उठाएं और समाज के विकास में योगदान दें।
और इसी के साथ, इन फैसलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड की सरकार अपनी जनता के हित में ठोस कदम उठाने के लिए संकल्पित है।
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लेखिका: प्रिया वर्मा
Team Haqiqat Kya Hai
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