Dehradun: राज्य में विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक, मुख्य सचिव ने उठाए ठोस कदम
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में राज्य में विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने मई एवं जून माह में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए अतिरिक्त विद्युत प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व में ही […] The post Dehradun:-मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई राज्य में विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक,अतिरिक्त बिजली प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाने के दिए निर्देश appeared first on संवाद जान्हवी.
Dehradun: राज्य में विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक, मुख्य सचिव ने उठाए ठोस कदम
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य में विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई और निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने हाल ही में राज्य में विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। बैठक में उल्लेख किया गया कि मई और जून के महीनों में विद्युत आपूर्ति की निर्बाधता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व में ही स्थापित की जानी चाहिए।
विद्युत मांग में वृद्धि और यूपीसीएल का प्रयास
- मुख्य सचिव ने गर्मी के कारण विद्युत माँग में वृद्धि पर यूपीसीएल के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
- यूपीसीएल उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है - एमडी यूपीसीएल।
बैठक के दौरान, यूपीसीएल ने वर्तमान परिस्थितियों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस रिपोर्ट में बताया गया कि देशभर में हीट वेव के प्रभाव से विद्युत मांग में तेजी आई है। अंतर्राष्ट्रीय स्थितियों के कारण गैस की सीमित उपलब्धता भी राज्य के गैस आधारित संयंत्रों पर असर डाल रही है। नदियों में जल स्तर में कमी के कारण जल विद्युत उत्पादन में भी गिरावट आई है। इस वित्तीय वर्ष में विद्युत मांग में औसतन लगभग 5% की वृद्धि दर्ज की गई है।
विशेष रूप से, उपभोक्ताओं द्वारा इंडक्शन कुकर एवं अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग से सिस्टम पर अतिरिक्त 50 से 100 मेगावाट तक का लोड आया है, जिससे पीक डिमांड के समय दबाव और बढ़ा है।
अभूतपूर्व तापमान और विद्युत मांग
हाल के दिनों में, देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव के कारण विद्युत मांग ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। उदाहरण के तौर पर, 24 अप्रैल 2026 को भारत की अधिकतम विद्युत मांग लगभग 252 गीगावाट तक पहुंच गई, जो पूर्व के रिकॉर्ड 250 गीगावाट से अधिक है। इस दौरान, उत्तराखंड राज्य में अधिकतम मांग 2647 मेगावाट तक पहुंची।
देश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। इससे घरेलू एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में एयर कंडीशनर और कूलर के उपयोग में वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप विद्युत की मांग में अप्रत्याशित उछाल आया है।
मुख्य सचिव का अद्वितीय कदम
मुख्य सचिव ने इसके बावजूद यूपीसीएल को उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है। राज्य सरकार के मार्गदर्शन में यूपीसीएल निम्नलिखित उपाय कर रहा है:
- अग्रिम विद्युत खरीद
- कुशल लोड प्रबंधन
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग
- ग्रिड समन्वय
राज्य सरकार के प्रयासों के तहत, भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल से 150 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध कराने का आश्वासन प्राप्त हुआ है। साथ ही, ऊर्जा एक्सचेंज के माध्यम से जल्दी ही आवश्यक विद्युत खरीदने का प्रबंध किया गया है।
सहयोग और भविष्य के उपाय
मुख्यालय (ऊर्जा भवन) में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक से हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) के अध्यक्ष श्री प्रभोध सक्सेना के बीच सकारात्मक वार्ताएं चल रही हैं, जिससे जून 2026 में विद्युत उपलब्धता की बैंकिंग व्यवस्था पर चर्चा की जा रही है।
यूपीसीएल ने अपने सभी उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि इस चुनौतीपूर्ण समय में भी विद्युत आपूर्ति को सुचारु और सुरक्षित बनाए रखने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे बिजली का सही इस्तेमाल करें, विशेषकर पीक आवर्स में अनावश्यक उपकरणों के उपयोग से बचें।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रबंध निदेशक यू जे वी एन एल और अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों ने भाग लिया।
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