जंतर मंतर पर अंकिता भंडारी मर्डर केस का गूंज: सीबीआई जांच की मांग तेज

The post जंतर मंतर में अंकिता भंडारी मर्डर केस की गूंज appeared first on Avikal Uttarakhand. भाजपा विधायक रेणु बिष्ट व अन्य को जांच के दायरे में ले सीबीआई वीआईपी व सीबीआई जांच में देरी बन रही राजनीतिक मुद्दा अविकल जत्तराखण्ड नई दिल्ली। रविवार को अंकिता… The post जंतर मंतर में अंकिता भंडारी मर्डर केस की गूंज appeared first on Avikal Uttarakhand.

Apr 26, 2026 - 18:39
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जंतर मंतर पर अंकिता भंडारी मर्डर केस का गूंज: सीबीआई जांच की मांग तेज
जंतर मंतर पर अंकिता भंडारी मर्डर केस का गूंज: सीबीआई जांच की मांग तेज

जंतर मंतर पर अंकिता भंडारी मर्डर केस का गूंज: सीबीआई जांच की मांग तेज

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कम शब्दों में कहें तो, अंकिता भंडारी मर्डर केस की गूंज अब राष्ट्रीय राजधानी में सुनाई दे रही है। नए सिरे से चल रहे प्रदर्शनों में सीबीआई जांच की मांग उठाई जा रही है, जिसका केंद्र बिंदु जंतर मंतर है।

दिल्ली के जंतर मंतर पर रविवार को बुलाई गई सभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रेणु बिष्ट समेत अन्य नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए गए। इस प्रदर्शन में होंडला के नागरिकों ने चुप्पी तोड़ते हुए मांग की कि सीबीआई को वीआईपी अपराधियों को भी जांच में सम्मिलित करना चाहिए।

सीबीआई जांच पर सवाल उठाते प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के माध्यम से वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कमला पंत, जो इस आंदोलन की एक प्रमुख आवाज हैं, ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में अब तक न्याय नहीं मिला है और वीआईपी अपराधी खुल्लेआम घूम रहे हैं।

उन्होंने कहा, “भाजपा के पूर्व विधायक की पत्नी उर्मिला राठौर ने दुष्यंत गौतम और अजय कुमार के नाम लिए हैं, लेकिन सीबीआई ने अब तक उनसे पूछताछ नहीं की। यह मामला बेहद गंभीर है।”

राजनीतिक शोषण के आरोप

निर्मला बिष्ट ने भी भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह नारी शक्ति वंदन के नाम पर केवल दिखावे के लिए काम कर रही है, जबकि उसके स्वयं के पदाधिकारी महिलाओं के खिलाफ अपराध कर रहे हैं।

ब्रिगेडियर (रि.) सर्वेश डंगवाल ने कहा कि जिन लोगों ने वनांतरा रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाए, उन्हें भी सीबीआई जांच में शामिल किया जाना चाहिए। सही समय पर उचित कार्रवाई न होना चिंताजनक है।

अंकिता भंडारी हत्या केस का मुख्य फोकस

कई वक्ताओं ने एकमत से कहा कि अंकिता भंडारी हत्या केस की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट की सिटिंग जज की निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि सभी वीआईपी अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार किया जा सके।

सभी वक्ताओं ने जिज्ञासा प्रकट की कि क्या सीबीआई भाजपा विधायक रेणु बिष्ट को भी जांच में सम्मिलित करेगी।

अंकिता भंडारी प्रदर्शन

सामाजिक जागरूकता और समर्थन

इस प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनेताओं का समर्थन देखने को मिला, जिसमें पहाड़ी क्षेत्रों से भी लोग शामिल हुए। इन सभी ने एकरूपता बनाई कि अंकिता की न्याय का हक नहीं केवल एक त्रासदी है, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

सीबीआई जांच की पृष्ठभूमि

सीबीआई जांच की घोषणा जन आक्रोश और परिवार के सदस्यों की मांग के बाद की गई थी। 9 जनवरी 2026 को सीएम धामी ने इस महत्वपूर्ण कदम की घोषणा की थी। मामला उस समय से जे कर दिया गया था, जब अंकिता भंडारी का शव चीला नहर से मिला था। इस कांड में भाजपा के नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य सहित तीन लोग आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

अंकिता भंडारी मर्डर केस यह न केवल एक नैतिक दायित्व है बल्कि यह लोकतंत्र का एक विजेता उदाहरण भी है, जहाँ आम जनता अपने हक के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रही है।

इस मामले की सचाई सामने लाने के लिए सभी राजनीतिक दलों तथा सरकारी एजेंसियों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है ताकि लोगों का विश्वास दोबारा स्थापित किया जा सके। इसके लिए यह अनिवार्य है कि सीबीआई जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए।

अंकिता भगंदारी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग अब एक बड़े सामाजिक आंदोलन में बदल चुकी है, जो यह दर्शाती है कि भारत में महिलाएं किस प्रकार अपनी आवाज़ उठाने के लिए तैयार हैं।

इस केस के तीखे सवालों के जवाब देने की जिम्मेदारी अब सीबीआई पर है। क्या यह मामले में न्याय का मार्ग प्रशस्त करेगी? यह प्रश्न सभी की जुबान पर है।

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इस लेख को टीम हक़ीक़त क्या है की ओर से, कविता तुम्हात्कार द्वारा प्रस्तुत किया गया है।

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