प्रधानमंत्री मोदी को FAO द्वारा दिया गया 2026 का प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’, भारतीय किसानों को समर्पित

20 May 2026. प्रधानमंत्री Narendra Modi को बुधवार को रोम स्थित मुख्यालय में Food and Agriculture Organization (FAO) द्वारा वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’ प्रदान किया गया। यह सम्मान भारत और Continue Reading » The post रोम में संयुक्त राष्ट्र के FAO ने पीएम मोदी को दिया 2026 का प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’, भारतीय किसानों को समर्पित किया सम्मान appeared first on Mirror Uttarakhand.

May 21, 2026 - 00:39
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प्रधानमंत्री मोदी को FAO द्वारा दिया गया 2026 का प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’, भारतीय किसानों को समर्पित
प्रधानमंत्री मोदी को FAO द्वारा दिया गया 2026 का प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’, भारतीय किसानों को समर्पित

प्रधानमंत्री मोदी को FAO द्वारा दिया गया 2026 का प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’, भारतीय किसानों को समर्पित

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कम शब्दों में कहें तो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोम में FAO द्वारा 2026 का ‘एग्रीकोला मेडल’ प्रदान किया गया है, जिसे उन्होंने भारतीय किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित किया है।

20 मई 2026 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोम स्थित खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय में वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’ प्रदान किया गया। यह सम्मान भारत और वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि और ग्रामीण विकास में उनके नेतृत्व के लिए दिया गया। FAO के महानिदेशक Qu Dongyu ने यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया।

सम्मान का महत्व

समारोह के दौरान सम्मान प्राप्त करने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि मानव कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की वैश्विक पहचान है। उन्होंने इसे भारत के किसानों और कृषि वैज्ञानिक समुदाय को समर्पित किया।

उन्होंने आगे कहा कि भारत में कृषि सिर्फ एक आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि धरती माता और समुदाय के बीच एक पवित्र संबंध है। प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को भारतीय कृषि के प्रति वैश्विक मान्यता के रूप में देखा।

कृषि में तकनीक और नवाचार पर भारत का फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत कृषि क्षेत्र में विज्ञान और नवाचार के आधार पर मॉडल विकसित कर रहा है, जिससे जलवायु-अनुकूल, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार कृषि व्यवस्था तैयार की जा रही है।

उन्होंने बताया कि ‘Per Drop More Crop’, माइक्रो-इरिगेशन और प्रिसिजन फार्मिंग जैसे कार्यक्रम अब कृषि नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ये तकनीकी नवाचार किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में सहायक साबित हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने लगभग 3,000 जलवायु-अनुकूल फसल किस्में विकसित की हैं, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा में योगदान दे रही हैं, विशेषकर ग्लोबल साउथ के देशों के लिए।

FAO के साथ भारत की साझेदारी का महत्व

प्रधानमंत्री मोदी ने FAO के साथ भारत की साझेदारी पर जोर दिया और कहा कि भारत, FAO के संस्थापक सदस्यों में से एक होने के नाते वैश्विक खाद्य सुरक्षा और भूखमुक्त दुनिया के लक्ष्य में संगठन के साथ मिलकर काम करता रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के सफल आयोजन में FAO के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

30 वर्षों बाद ऐतिहासिक दौरा

प्रधानमंत्री मोदी का FAO मुख्यालय दौरा ऐतिहासिक रहा, क्योंकि यह पिछले 30 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। रोम से यह सम्मान भारत की कृषि, नवाचार और खाद्य सुरक्षा मॉडल की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

यह घटना न केवल भारतीय किसानों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि वैश्विक कृषि चर्चा में भी भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है।

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