महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय: नारी शक्ति वंदन अधिनियम – मुख्यमंत्री

15 April 2026. Dehradun. महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही हमारे समाज और देश की प्रगति का आधार है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड राज्य महिला Continue Reading » The post नारी शक्ति वंदन अधिनियम, महिला सशक्तिकरण की दिशा में युगांतकारी कदम – मुख्यमंत्री appeared first on Mirror Uttarakhand.

Apr 16, 2026 - 00:39
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महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय: नारी शक्ति वंदन अधिनियम – मुख्यमंत्री
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

15 अप्रैल 2026, देहरादून। महिलाओं की शक्ति, साहस, और समर्पण के बिना हमारे समाज और देश की प्रगति असंभव है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, मातृशक्ति के लिए सम्मान, अधिकार, और सशक्तिकरण की दिशा में एक युगांतकारी कदम है। इस अधिनियम के तहत, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं है, बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने भारत के प्राचीन ग्रंथों का उल्लेख करते हुए कहा कि शक्ति के बिना कोई भी सृजन या सामर्थ्य संभव नहीं है। वर्तमान में, महिलाएं न केवल खेतों में अन्न उगाने वाली किसान हैं, बल्कि स्टार्टअप स्थापित करने वाली उद्यमी भी हैं। वे ग्राम पंचायतों में विकास योजनाएँ बनाने वाली जनप्रतिनिधि और देश की संसद में नीतियाँ निर्धारण करने वाली सशक्त नेता भी हैं।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक नया युग

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि आज तक देश की आधी आबादी को वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वे सही में हकदार हैं। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में एक नए युग का शुभारंभ हो चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार की कई योजनाओं जैसे “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “सुकन्या समृद्धि योजना”, और “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना” का उल्लेख किया, जो महिला सशक्तिकरण के प्रति समर्पित हैं।

प्रदेश सरकार का महिला सशक्तिकरण के प्रति संकल्प

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में शिक्षा और रोजगार उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं को नए अवसर और शक्ति प्रदान करने के लिए ’सशक्त बहना उत्सव योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’ भी लागू किए गए हैं।

स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” की पहल के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “हाउस ऑफ हिमालयाज” नामक अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत की है। राज्य सरकार के प्रयासों से लगभग 2.65 लाख लखपति दीदियों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष सत्र

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर 16 अप्रैल से विशेष सत्र प्रस्तावित है, जिसमें वे महिलाएं जो विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रही हैं, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने इस अधिनियम को केवल एक कानून नहीं, अपितु भारत के भविष्य को दिशा देने वाला परिवर्तनकारी प्रयास बताया।

महिला नेतृत्व की प्राथमिकता

आगे, बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व नहीं देता, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया का केंद्र बनाता है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, और अन्य वरिष्ठ महिलाएँ उपस्थित रहीं।

अपनी सोच और क्रियात्मकता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में यह अधिनियम निश्चित रूप से नवाचार लाने में सहायक होगा। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें समाज की धारा में सक्रिय भागीदार बनाने का यह एक बड़ा कदम है।

इस स्थिति पर और अधिक जानकारी के लिए हमारे पोर्टल Haqiqat Kya Hai पर जाएँ।

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