सीएम धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष को दिया जवाब, महिला अधिकारों में बाधक बनेगा कोई नहीं

19 April 2026. Dehradun. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय, देहरादून में आयोजित एक विस्तृत एवं महत्वपूर्ण प्रेस कांफ्रेंस के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित Continue Reading » The post नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सीएम धामी का विपक्ष पर तीखा प्रहार, महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को मातृशक्ति देगी करारा जवाब appeared first on Mirror Uttarakhand.

Apr 20, 2026 - 00:39
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सीएम धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष को दिया जवाब, महिला अधिकारों में बाधक बनेगा कोई नहीं
सीएम धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष को दिया जवाब, महिला अधिकारों में बाधक बनेगा कोई नहीं

सीएम धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष को जवाब दिया

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का एक मील का पत्थर है। haqiqatkyahai.com

19 अप्रैल 2026, देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व और विपक्ष के महिला विरोधी रवैये पर चर्चा की। उन्होंने इस अधिनियम को केवल एक विधायी पहल नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों और सम्मान का अस्तित्व मानते हुए इसे एक ऐतिहासिक अवसर बताया।

महिलाओं की भागीदारी में बाधा डालने का आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिनियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में समान भागीदारी प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता था। इसमें राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में योगदान मिलता है। लेकिन विपक्षी दलों, जैसे कांग्रेस और अन्य, ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस ऐतिहासिक पहल को कमजोर करने का प्रयास किया।

सीएम ने विपक्ष के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जब भी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो विपक्षी दलों के द्वारा वर्तमान स्थिति को रोकने या बाधित करने की कोशिश की जाती है।

कांग्रेस का इतिहास और महिलाओं के अधिकार

धामी ने कांग्रेस के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को टालने और दबाने का कार्य किया है। उदाहरण के तौर पर, जब शीघ्र 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया, तब भी विपक्ष ने इसे रोकने के लिए भ्रामक तर्क दिए। यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं था, बल्कि महिलाओं की प्रगति को रोकने का प्रयास था।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष ने परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर भ्रामक जानकारियाँ फैलाईं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस विषय पर स्पष्ट किया था कि यह प्रक्रिया किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगी।

महिलाओं की सजगता और सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री ने आज की महिलाओं को जागरूक और सक्षम बताते हुए कहा कि वे अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं। महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को निर्णय-निर्माण की मुख्यधारा से बाहर रखना न तो न्यायसंगत है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप।

सीएम धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में देश की मातृशक्ति उन सभी दलों को करारा जवाब देगी जो उनके अधिकारों में बाधा डाल रहे हैं। महिलाएं अब केवल दर्शक नहीं, बल्कि वे राजनीति और समाज में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

भाजपा का सशक्तिकरण का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम प्रभावी रूप से लागू कर रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य और केंद्र सरकार के प्रयास से महिलाओं के स्वाभाविक और संवैधानिक अधिकारों को सशक्त किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि जैसे पूर्व में मातृ शक्ति के सामर्थ्य से उत्तराखंड का विकास हो रहा है, ठीक वैसे ही भाजपा नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे विकल्परहित संकल्प को साकार करके रहेगी।

विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का रवैया न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों और उनकी आकांक्षाओं के प्रति उनकी वास्तविक सोच को उजागर करता है। यह दर्शाता है कि वे महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति गंभीर नहीं हैं।

सीएम ने कांग्रेस के निर्णयों की आलोचना करते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लंबे समय तक लटकाए रखना उनकी प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत है। उनका रुख हमेशा महिला अधिकारों के खिलाफ रहा है।

समाज के विकास में महिला नेतृत्व

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज की महिलाएं सरकारों, पंचायतों और अन्य क्षेत्रों में प्रभावी नेतृत्व कर रही हैं। यदि यह संविधान संशोधन विधेयक पारित हो जाता, तो मातृशक्ति को राजनीतिक व नीति-निर्माण में उनकी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित होती।

उन्होंने विश्वास दिलाया कि भाजपा महिलाओं के सशक्तिकरण और संतुलित प्रतिनिधित्व के लिए प्रतिबद्ध है, और यह मुद्दा केवल एक दल का नहीं बल्कि पूरे देश के भविष्य और लोकतान्त्रिक मजबूती से जुड़ा हुआ है।

महिलाओं के इस संघर्ष को एक नई दिशा देने वाला नारी शक्ति वंदन अधिनियम निश्चय ही देश में लोकतंत्र को और मजबूत करेगा।

सीएम धामी की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विधायक सविता कपूर, पार्टी की वरिष्ठ महिला पदाधिकारीगण, महिला कार्यकर्ता और युवा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।

महिला अधिकारों की लड़ाई में बाधा को जीत बताना महिला विरोधी मानसिकता है। यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को उनका उचित स्थान और सम्मान प्राप्त हो।

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लेखक: कविता शर्मा, टीम Haqiqat Kya Hai

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