गोल्ज्यू महोत्सव: लोकसंस्कृति, आस्था और विकास का अद्भुत संगम
The post लोकसंस्कृति, आस्था और विकास का संगम बना गोल्ज्यू महोत्सव appeared first on Avikal Uttarakhand. मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल समापन अविकल उत्तराखण्ड चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को यहां आयोजित ऐतिहासिक ‘गोल्ज्यू महोत्सव-2026’ के समापन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए… The post लोकसंस्कृति, आस्था और विकास का संगम बना गोल्ज्यू महोत्सव appeared first on Avikal Uttarakhand.
गोल्ज्यू महोत्सव: लोकसंस्कृति, आस्था और विकास का अद्भुत संगम
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कम शब्दों में कहें तो, गोल्ज्यू महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध विरासत, ऐतिहासिक पहचान और लोक संस्कृति के संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण है।
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से ऐतिहासिक 'गोल्ज्यू महोत्सव-2026' के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चंपावत को देश का आदर्श जिला बनाने के लिए राज्य सरकार का संकल्प अटल है। यह महोत्सव 4 मई से शुरू होकर 13 दिन तक चला और इसमें हजारों लोगों ने भाग लिया।
सीएम धामी ने नगरपालिका परिषद चंपावत, जिला प्रशासन और समुदाय के सभी सदस्यों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड की संपन्न लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं को जीवित रखने में इस जैसे आयोजनों का महत्वपूर्ण योगदान है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गोल्ज्यू महोत्सव केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह चंपावत की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत और लोक परंपराओं के संरक्षण और समृद्धि का मंच भी है।
महिलाओं की भूमिका और स्थानीय उत्पाद
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों की मातृशक्ति द्वारा लगाए गए स्टॉलों ने स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाई है। पहाड़ी दालों, हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक उत्पाद और पारंपरिक व्यंजन विक्रि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विभिन्न विभागों के स्टॉलों के माध्यम से आम जनता को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, जो एक सराहनीय पहल है।
धार्मिक पर्यटन और विकास की दिशा
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार चंपावत के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। 'मानसखंड मंदिर माला मिशन' के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के धार्मिक स्थलों का भव्य विकास किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 'गोल्ज्यू कॉरिडोर' और 'शारदा कॉरिडोर' का निर्माण किया जा रहा है।
आंतरिक मोटर मार्गों का चौड़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और आधुनिक पार्किंग योजनाएं भी विकास के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल हैं।
आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम
महोत्सव के अंतिम तीन दिनों में आयोजित 'स्टार नाइट' कार्यक्रम ने विशेष आकर्षण बटोरी। उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक इंदर आर्या, माया उपाध्याय और नीरज चुफाल ने शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
इस सांस्कृतिक महाकुंभ में दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए और गोल्ज्यू महोत्सव-2026 का भव्य समापन हुआ।
इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री, जिले के अध्यक्ष, विधायक प्रतिनिधि, और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में जनपदवासी उपस्थित रहे।
गोल्ज्यू महोत्सव ने न केवल सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित किया, बल्कि इसे एक स्थायी विकास मंच के रूप में भी स्थापित किया।
गौरतलब है कि यह महोत्सव आने वाले वर्षों में भी उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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सादर,
टीम हकीकत क्या है, श्रेया शर्मा
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