उत्तराखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पृथक कॉडर बनाने का निर्णय - स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा

The post विशेषज्ञ चिकित्सकों का पृथक कॉडर बनेगा-स्वास्थ्य मंत्री appeared first on Avikal Uttarakhand. डॉक्टर्स डे – प्रतिष्ठित चिकित्सकों को किया गया सम्मानित अविकल उत्तराखण्ड देहरादून। नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित ‘‘पांचवें डॉक्टर ऑफ़ द ईयर’’ सम्मान… The post विशेषज्ञ चिकित्सकों का पृथक कॉडर बनेगा-स्वास्थ्य मंत्री appeared first on Avikal Uttarakhand.

Jul 2, 2026 - 09:39
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उत्तराखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पृथक कॉडर बनाने का निर्णय - स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा
उत्तराखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पृथक कॉडर बनाने का निर्णय - स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा

उत्तराखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पृथक कॉडर बनाने का निर्णय - स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए एक पृथक कॉडर बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसका उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं में सुधार और विशेषज्ञ चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति सुनिश्चित करना है।

देहरादून। नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित ‘‘पांचवें डॉक्टर ऑफ़ द ईयर’’ सम्मान समारोह में बोलते हुए प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने यह घोषणा की कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। इस पहल का उद्देश्य चिकित्सकों को भविष्य में आने वाली आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि 2026 के अंत तक सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खाली पदों पर नियुक्तियां पूरी कर दी जाएंगी। इसके साथ ही, पदोन्नतियों को भी सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टर्स का पृथक कॉडर बनाने के साथ-साथ यह भी सलाह दी कि चिकित्सक एक स्ट्रेस-फ्री लाइफस्टाइल अपनाएं। मेडिकल कॉलेजों को योग और मेडिटेशन के माध्यम से चिकित्सकों एवं छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

इस अवसर पर, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने पूरे प्रदेश से चयनित 32 उत्कृष्ट डॉक्टरों को ‘‘डॉक्टर ऑफ़ द ईयर’’ अवार्ड से सम्मानित किया। इसके अलावा, तीन डॉक्टर्स को आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवार्ड और तीन को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी दिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो (डॉ.) भानु दुग्गल ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यवसायिकता को नियंत्रित किया जाना चाहिए, ताकि समाज का हर वर्ग इस चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सके। भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. जे. एन. नौटियाल ने स्वस्थ जीवन और सफल उपचार में आयुष चिकित्सा के महत्व को रेखांकित किया।

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ. राजेंद्र डोभाल ने चिंता व्यक्त की कि उत्तराखंड सहित पूरे देश में नए डॉक्टरों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

कुलपति डॉ. गीता जैन ने राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस की शुरुआत और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में विशेष अतिथियों के रूप में विधायक सुरेश गड़िया, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण त्रिपाठी और अन्य विशिष्ट व्यक्ति उपस्थित थे।

डॉक्टर्स डे समारोह

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य गीता जैन और कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कुँवर राज अश्थाना ने सभी उपस्थित अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

सम्मानित चिकित्सकों की सूची

जिन डॉक्टरों को इस वर्ष सम्मानित किया गया:

  • डॉ. राकेश रावत – वीसीएसजी गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, श्रीनगर
  • डॉ. अच्युत नारायण पाण्डेय – वीसीएसजी गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, श्रीनगर
  • डॉ. विनिता रावत कृ वीसीएसजी गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, श्रीनगर
  • डॉ. अनिश गुप्ता कृ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश
  • डॉ. पंकज कंडवाल – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश
  • ... (अन्य डॉक्टरों की सूची भी इस तरह से जारी है)

विशेष पुरस्कार

लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्राप्त करने वाले:

  • डॉ. महेश कुरियाल – अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), देहरादून
  • डॉ. जे. एन. नौटियाल – अध्यक्ष , भारतीय चिकित्सा परिषद, देहरादून
  • डॉ. यशवंत सिंह बिष्ट – प्रोफ़ेसर एंड हेड, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जॉलीग्रांट, देहरादून

यह समारोह न केवल चिकित्सकों के अद्वितीय कार्यों को पहचानने का एक प्लेटफार्म था, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और चिकित्सकों के लिए एक सशक्त भविष्य के निर्माण की दिशा में एक कदम भी था।

इसके परिणामस्वरूप, हमें उम्मीद है कि पृथक चिकित्सकों का कॉडर बनने से विशेषज्ञता की कमी को दूर करने में सहायता मिलेगी एवं चिकित्सकीय सेवाओं में समृद्धि आएगी।

इस संबंध में और अधिक जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। Haqiqat Kya Hai पर और जानकारियों के लिए कृपया दौरा करें।

इस लेख को तैयार किया है: शालिनी शर्मा, टीम हकीकत क्या है

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