मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल जीवन मिशन की समीक्षा की, समयसीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर

12 August 2026. Dehradun. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की प्रगति, वित्तीय स्थिति, योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव तथा आगामी कार्ययोजना की समीक्षा Continue Reading » The post मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की, शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा पेयजल योजनाओं के नियमित संचालन एवं रख-रखाव पर विशेष जोर appeared first on Mirror Uttarakhand.

Aug 13, 2026 - 00:39
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल जीवन मिशन की समीक्षा की, समयसीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल जीवन मिशन की समीक्षा की, समयसीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल जीवन मिशन की प्रगति की गहन समीक्षा की है, जिसमें उन्होंने सभी निर्धारित कार्यों को समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया है।

12 अगस्त 2026 को देहरादून में सचिवालय में आयोजित हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति, इसकी वित्तीय स्थिति, योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव, और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की। इस बैठक में जलापूर्ति योजनाओं, ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की पहुंच, जल गुणवत्ता, वित्तीय प्रबंधन, और योजनाओं के नियमित संचालन से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

हर घर जल का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने हर घर जल का लक्ष्य पूरा करने के लिए विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शेष पात्र ग्रामीण परिवारों को निर्धारित समयसीमा में नल कनेक्शन से जोड़ा जाए। धामी ने बताया कि जल जीवन मिशन की सफलता केवल नल कनेक्शन की संख्या से नहीं, बल्कि नियमित, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल प्रदान करने से निश्चित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ण योजनाओं का स्थलीय सत्यापन आवश्यक है।

निर्माणाधीन योजनाओं की गति बढ़ाना

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन एवं लंबित पेयजल योजनाओं को मिशन मोड में पूरा करने की सलाह दी और जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा चरम प्राथमिकता होनी चाहिए।

जल स्रोतों का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवीकरण, वर्षा जल संचयन, और जल स्रोतों के पुनर्भरण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। हर जनपद में जलापूर्ति से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए ठोस उपाय विकसित करने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही, योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी निर्देश दिए गए।

चौंकाने वाले आंकड़े

बैठक में बताया गया कि राज्य में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 16,555 योजनाओं में से 15,540 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिससे राज्य की औसत प्रगति 92.46 प्रतिशत है। इसके अलावा, ग्रामीण परिवारों तक नल के जल की पहुंच की समीक्षा के दौरान, 14.48 लाख में से 14.20 लाख परिवारों को कनेक्शन मिल चुके हैं।

बैठक ने यह भी बताया कि 14,979 गांवों में से 9,796 गांवों में हर नल से जल का सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

उपस्थित अधिकारी

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव पेयजल श्री रणवीर सिंह चैहान, अपर सचिव श्री रोहित मीणा, सुश्री झरना कमठान और संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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