देहरादून: सीएम धामी ने आपदा परिचालन केंद्र में दी युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान की निर्देश, 16 श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी देर रात्रि आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे, टीएचडीसी टनल हादसे पर युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान के निर्देश मुख्यमंत्री श्री धामी ने रेस्क्यू किए गए मजदूरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना और उनका मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार देर रात्रि मायापुर (पीपलकोटी), […] Source

Aug 14, 2026 - 00:39
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बड़ी खबर - सीएम धामी का त्वरित हस्तक्षेप

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात आपदा परिचालन केंद्र का दौरा किया और टीएचडीसी टनल हादसे के आलोक में युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेस्क्यू किए गए श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति और मानसिक स्थिति की जानकारी ली और उन्हें समर्थन प्रदान किया।

सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता

गुरुवार की रात, मुख्यमंत्री धामी ने मायापुर (पीपलकोटी) में आपदा परिचालन केंद्र पहुँचकर गंभीर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि वे श्रमिकों की सुरक्षा और रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति पर पूरी नजर रखेंगे।

टीएचडीसी टनल हादसे का प्रभाव

टीएचडीसी टनल में हुए हादसे के बाद, सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुनिश्चित करने की आवश्यकता उत्पन्न हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू टीमों को किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी ताकि श्रमिकों की जल्दी से जल्दी तलाश की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद

मुख्यमंत्री धामी ने रेस्क्यू किए गए 16 श्रमिकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा एक दुर्लभ बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने श्रमिकों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ है और उनकी सुरक्षा के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उनकी स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

स्थानीय प्रशासन का सहयोग

स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने मिलकर इस कठिन परिस्थितियों के बीच श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। सरकारी विभाग को 24 घंटे काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मौके पर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों।

भविष्य की चुनौतियाँ

मुख्यमंत्री ने ज्ञापन दिया कि ऐसे हादसों से सीखने की आवश्यकता है और भविष्य में इसी तरह की घटनाओं के रोकथाम के लिए नई रणनीतियों की योजना बनानी होगी। उन्होंने सभी इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत ढांचा बनाएँ।

उम्मीद और समर्थन का संदेश

इस घटना के संदर्भ में, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह श्रमिकों, उनके परिवारों और पूरे उत्तराखंड राज्य के लोगों को इस संकट की घड़ी में समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, "हमारी प्राथमिकता श्रमिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा है।"

राज्य की सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, और लोगों के जीवन को सुरक्षित बनाना हर सरकार का प्रमुख यूपी है। ऐसे में मुख्यमंत्री वर्ष 2023 के लिए सुनियोजित उपायों को सामने लाकर एक नया अध्याय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

अंत में, सभी श्रमिकों और उनके परिवारों को आश्वस्त करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिनाइयाँ अस्थायी होती हैं, लेकिन हम सभी एकजुट होकर हर चुनौती का सामना कर सकते हैं।

इसके अलावा, किसी भी अन्य जानकारी या आपदा से संबंधित अपडेट के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं

टीम हक़ीक़त क्या है, सिता शर्मा

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