राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के परिजनों से वीडियो कॉल पर की बात, न्याय का दिया भरोसा
PAURI: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आज पौड़ी दौरा करना था, लेकिन खराब मौसम के कारण वे दौरा नहीं कर पाए। इस दौरान राहुल गांधी का अंकिता भंडारी के माता पिता से मिलने का भी कार्यक्रम था जो पूरा नहीं हो सका। इसलिए राहुल गांधी ने वीडियो कॉल पर […] The post राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता पिता से वीडियो कॉल पर की बात, दिया न्याय का भरोसा appeared first on Devbhoomi Dialogue.
राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के परिजनों से वीडियो कॉल पर की बात, न्याय का दिया भरोसा
PAURI: लोकसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आज पौड़ी का दौरा करना था, लेकिन अत्यधिक खराब मौसम के कारण उनकी यात्रा रद्द कर दी गई। इस दौरे के दौरान अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिलने की योजना थी, जो अब पूरी नहीं हो सकी। इस असुविधा को दूर करने के लिए, राहुल गांधी ने वीडियो कॉल के माध्यम से अंकिता के माता-पिता से बात करने का निर्णय लिया और उन्हें न्याय का आश्वासन दिया।
राहुल गांधी का पौड़ी दौरा, जिसमें अंकिता भंडारी के माता-पिता से सीधे संवाद स्थापित करने का कार्यक्रम था, मौसम के मिजाज के कारण संपन्न नहीं हो सका। हालांकि, कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल की पहल के कारण, वीडियो कॉल के ज़रिए राहुल गांधी ने अंकिता के परिजनों से बातचीत करने का अवसर पाया।
वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़ाव
राहुल गांधी के साथ हुई बातचीत के दौरान, अंकिता के माता-पिता ने उन्हें मिलने की इच्छा व्यक्त की। राहुल गांधी ने उनके इस अनुरोध को सुनकर आश्वस्त किया और कहा कि उन्हें जब भी समय मिले, वे साथ मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गणेश गोदियाल के माध्यम से किसी समय को तय कर सुनिश्चित किया जा सकता है।
राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता को यह भरोसा दिलाया कि उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं और वे किसी भी समय उनसे मिल सकते हैं। इस मुलाकात में अंकिता के माता-पिता ने अपनी पीड़ा और बेटी के लिए न्याय की अर्जी भी रखी। उस बातचीत में उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले में शीघ्र न्याय मिलेगा और दोषियों को उचित सजा दी जाएगी।
समाज में न्याय की खोज
राहुल गांधी ने कहा कि समाज में जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक सच्ची शांति की उम्मीद करना मुश्किल होता है। उन्होंने अंकिता भंडारी के माता-पिता को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज़ सुनी जाएगी और इस मुद्दे को ध्यान में रखा जाएगा। उनके साथ इस प्रकार की बातचीत से न केवल परिवार को मानसिक सहयोग मिलता है, बल्कि समाज में न्याय की सुनिश्चितता को भी एक नया दिशा मिलती है।
निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि हमारी राजनीतिक जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी सिर्फ चुनावी वादों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अन्याय की परिस्थिति में भी अपने नागरिकों के साथ खड़े रहते हैं। राहुल गांधी का यह कदम दर्शाता है कि न्याय की खोज में परिजनों का साथ देना बेहद महत्वपूर्ण है। इस वार्तालाप के माध्यम से न केवल अंकिता के माता-पिता को एक सकारात्मक संदेश मिला, बल्कि पूरे समाज को यह प्रेरणा भी मिली कि न्याय की लहरें कभी भी कब उठ सकती हैं।
कम शब्दों में कहें तो, राहुल गांधी ने वीडियो कॉल के माध्यम से अंकिता भंडारी के माता-पिता को न्याय का भरोसा दिया है, जिससे उनके दिल में अपेक्षाएं और संजीवनी बढ़ी है।
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