चंपावत में नाबालिग से दुष्कर्म: कांग्रेस ने भाजपा पर उठाए सवाल
The post चंपावत में नाबालिग से दुष्कर्म पर कांग्रेस ने घेरा appeared first on Avikal Uttarakhand. बलात्कार- भाजपा नेता, पूर्व प्रधान तीन पर लगे आरोप देहरादून/चंपावत। देवभूमि उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। चंपावत में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद विपक्ष… The post चंपावत में नाबालिग से दुष्कर्म पर कांग्रेस ने घेरा appeared first on Avikal Uttarakhand.
चंपावत में नाबालिग से दुष्कर्म: कांग्रेस ने भाजपा पर उठाए सवाल
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कम शब्दों में कहें तो, चंपावत में एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म ने राजनीति में उथल-पुथल मچا दी है, जहाँ कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार पर कड़े सवाल उठाए हैं।
देहरादून/चंपावत: देवभूमि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था का हाल बेहद चिंता जनक है। हाल ही में चंपावत में सामूहिक दुष्कर्म की एक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक 10वीं कक्षा की छात्रा, जो कि अपनी दोस्त की मेहंदी रस्म में गई थी, तीन युवकों के जघन्य कृत्य का शिकार बन गई। इस घटना के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की है।
दुर्धर्ष घटना का विवरण
घटना के अनुसार, पीड़िता के पिता ने भाजपा मंडल उपाध्यक्ष, एक पूर्व प्रधान और एक छात्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी छात्र और पूर्व प्रधान चाचा-भतीजा हैं। इस घटना ने केवल पीड़िता के परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड को शर्मसार किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा, "दुष्कर्म के बाद जब पीड़िता ने अपने घर फोन करने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, उसके हाथ-पैर बांध दिए और कमरे में ताला लगाकर भाग गए।" रात को करीब डेढ़ बजे पीड़िता का एक फोन उसके घर पहुंचा, जिसके बाद ग्रामीणों और परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर छात्रा को बंद कमरे से बाहर निकाला।
आर्य ने सवाल उठाया, "यह घटना केवल एक बेटी के साथ अत्याचार नहीं, बल्कि उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। जब सत्ता से जुड़े लोग ही ऐसे अपराधों में लिप्त हों, तब समाज में महिलाओं की सुरक्षा कौन करेगा?"
कांग्रेस की मांगें
कांग्रेस ने इस घटना से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण मांगें की हैं:
- सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
- मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए और दोषियों को शीघ्र सख्त सजा दिलाई जाए।
- पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा और आर्थिक मदद प्रदान की जाए।
- दोषियों को राजनीतिक संरक्षण देने वालों की निष्पक्ष जांच की जाए।
समाज में गुस्सा
उत्तराखंड की जनता में इस प्रकार की घटनाओं को लेकर भारी गुस्सा है। कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया है कि बेटियों के साथ हुई इस तरह की घटना पर चुप रहना कोई उपाय नहीं है। "सभी माताओं-बहनों को अब यह समझ लेना चाहिए कि किसे सत्ता में बैठा रहे हैं," एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा।
प्रदेश की हर बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और लोगों ने अब यह ठान लिया है कि वे इस मुद्दे पर चुप्पी साधने वाले नहीं हैं।
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Team Haqiqat Kya Hai: सुमिता शर्मा
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