राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' में गूंजा दून, युवाओं में आई हलचल
The post राहुल गांधी और ‘छात्रों की गूंज’ से गूंजा दून, बढ़ी हलचल appeared first on Avikal Uttarakhand. पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी के साथ हजारों युवाओं ने भरी हुंकार शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का संकल्प अविकल उत्तराखण्ड देहरादून। राजधानी देहरादून में आयोजित “छात्रों की गूंज” महारैली… The post राहुल गांधी और ‘छात्रों की गूंज’ से गूंजा दून, बढ़ी हलचल appeared first on Avikal Uttarakhand.
राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' में गूंजा दून, युवाओं में आई हलचल
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून की महारैली ‘छात्रों की गूंज’ ने युवाओं को एकजुट किया, जहां राहुल गांधी ने पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ महारैली इस बार युवा आक्रोश, उम्मीद और बदलाव का प्रतीक बनकर उभरी। इस रैली का आयोजन 17 जुलाई को किया गया, जिसमें हजारों युवा, छात्र और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी शामिल हुए।
राहुल गांधी के संबोधन से पहले जब वह मंच पर पहुंचे, तो युवा जोश और नारों से गूंज उठे। इस रैली में शामिल युवाओं ने पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर आवाज उठाई। "पेपर लीक बंद करो", "रोजगार हमारा अधिकार है", "युवा जागा है, देश बदलेगा", "मेहनत का सम्मान करो" और "नौकरी नहीं, तो जवाब दो" जैसे नारे सुनाई दिए।
युवाओं ने तख्तियां और बैनर लेकर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तथा समयबद्ध परीक्षाओं की मांग उठाई। बड़ी संख्या में छात्र दूर-दराज के जिलों से भी इस कार्यक्रम में शामिल होने आए थे।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि "पेपर लीक केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता नहीं, बल्कि यह युवाओं के सपनों की चोरी है।" उन्होंने कहा कि देश के युवा वर्षों की मेहनत, आर्थिक संघर्ष और मानसिक दबाव के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन भ्रष्ट तंत्र उनकी मेहनत को कुछ ही समय में बेकार कर देता है। वह शिक्षा और भर्ती प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और छात्रहितों के अनुकूल बनाने पर जोर दिया।
रैली में उन छात्रों को भी बुलाया गया, जिनकी परीक्षाएं पेपर लीक या परीक्षा निरस्त होने से प्रभावित हुई हैं। कई युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भर्ती घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं ने उनके करियर के महत्वपूर्ण वर्ष छीन लिए हैं। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया थापा के पिता ने अपनी बेटी के संघर्ष और परिवार की पीड़ा को साझा किया।
कार्यक्रम में छात्रों का उत्साह देखते ही बना। राहुल गांधी के संबोधन के दौरान छात्र बार-बार खड़े होकर तालियों और नारों के साथ उनका समर्थन करते रहे। उपस्थित युवाओं ने पेपर लीक माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, समयबद्ध परीक्षा के कैलेंडर और रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की।
कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इसे युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की शुरुआत बताया। यह अभियान सड़क से संसद तक जारी रहेगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं की यह लड़ाई जन आंदोलन का स्वरूप लेगी।
देहरादून की ‘छात्रों की गूंज’ महारैली ने एक स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तराखंड का युवा अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि वह पारदर्शी भर्ती व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार की मांग कर रहा है। इस रैली ने भाजपा खेमे में हलचल पैदा कर दी है।
पिक्चर अभी बाकी है …
राहुल गांधी का देहरादून आगमन और छात्रों की गूंज... युवा उमंग के साथ डीजे पर थिरकते हुए, यहां तक कि भारी बारिश के बावजूद यह कार्यक्रम चलता रहा। लगभग चार से पांच घंटे तक युवा, बुजुर्ग और माताएं इस कार्यक्रम का हिस्सा बने रहे।
रविवार की शाम डीजे के शोर में युवा थिरकते रहे, यह जबरदस्त प्रचार-प्रसार का सबूत था। कार्यक्रम में आए युवाओं ने जमकर नारेबाजी की, "पेपर लीक", "नीट" और अन्य प्रतियोगिता के सवालों पर कई बार सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने अवसर का लाभ उठाते हुए छात्रों के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। उनकी आवाज में स्पष्टता दिखाई दे रही थी कि वो युवा वर्ग का समर्थन करने के लिए सच्चे मन से खड़े हैं।
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