बड़ी खबर: 481 भारतीय एवं 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने इतिहास रचा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामई उपस्थिति में आईएमए की पासिंग आउट परेड सम्पन्न 481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने रचा इतिहास देश की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आज देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित पासिंग आउट […] Source

Jun 13, 2026 - 18:39
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बड़ी खबर: 481 भारतीय एवं 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने इतिहास रचा
बड़ी खबर: 481 भारतीय एवं 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने इतिहास रचा

बड़ी खबर (देहरादून): 481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने रचा इतिहास

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कम शब्दों में कहें तो, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) ने शानदार पासिंग आउट परेड का आयोजन किया, जिसमें 481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट ने सैन्य अधिकारी के तौर पर भूमिका ग्रहण की। इस अवसर पर 9 महिला कैडेटों ने भी एक नया इतिहास रचते हुए अपने नाम का सुनहरा अक्षरजोड़ दिया।

समारोह का महत्व

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो कि सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर भी हैं, ने इस समारोह की गरिमा को बढ़ाया। पासिंग आउट परेड का आयोजन हर साल किया जाता है और यह नए अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस बार के समारोह में, 481 भारतीय अधिकारियों सहित 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेटों ने भी सफलता प्राप्त की, जो भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में सहायक होंगे।

महिला कैडेटों की उपलब्धि

इस बार का परेड विशेष रूप से अद्वितीय था, क्योंकि 9 महिला कैडेटों ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण के माध्यम से यह सफलता हासिल की। यह न केवल उनके लिए, बल्कि देश के सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। इस सफलता ने यह दिखाया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और वे अपने आत्मविश्वास और क्षमता के बल पर किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं।

भविष्य की ओर

आईएमए से पासिंग आउट कर रहे कैडेट्स भविष्य में भारतीय सेना के उज्जवल सितारे बनकर देश की रक्षा को सुनिश्चित करेंगे। यह न केवल उनके लिए एक करियर का आरंभ है, बल्कि देश की सुरक्षा और समृद्धि में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण होगा। भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित की गई यह एकजुटता दोस्ताना देशों के साथ सैन्य सहयोग को भी तेज करेगी।

इस खास अवसर पर उपस्थित सभी ने इस परेड की शोभा बढ़ाई, जिसमें पारंपरिक सैन्य परिधान की गरिमा, अनुशासन तथा नए अधिकारियों की जिज्ञासु आँखों में भविष्य की आकांक्षाएं देखने को मिलीं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "आपकी यह यात्रा हमारे देश के लिए गर्व का विषय है। इस यात्रा में कठिनाइयों का सामना करना होगा, लेकिन याद रखें कि आपका समर्पण और मेहनत ही आपको सफलता की ऊंचाइयों तक पहुँचाएगा।" उनके शब्दों ने सभी कैडेट्स में एक नई उर्जा भर दी।

कम शब्दों में कहें तो, भारतीय सैन्य अकादमी आईएमए की इस पासिंग आउट परेड ने न केवल एक नई पीढ़ी के अधिकारियों को जन्म दिया, बल्कि देश की महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी उठाया है। आगे चलकर, इन नए अधिकारियों की भूमिका भारत की सुरक्षा में महत्वपूर्ण होनी चाहिए।

इसके अलावा, यह आयोजन सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है कि वे अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कठिनाइयों का सामना करें और अपने सपनों को पूरा करें।

इस विशेष दिन का माहौल और सशस्त्र बलों के प्रति यह समर्पण केवल एक नई शुरुआत है। सभी कैडेट्स को आगे के लिए शुभकामनाएँ!

इसके बारे में अधिक जानने के लिए, हमारी वेबसाइट पर नियमित रूप से विजिट करें: Haqiqat Kya Hai.

टीम हकिकत क्या है, संजना शर्मा

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