उत्तराखंड: अनुसूचित जाति आयोग की तीन दिवसीय जनसुनवाई में 45 शिकायतें सुनी गईं, 26 का त्वरित निस्तारण
उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार की अध्यक्षता में आयोग कार्यालय देहरादून में आयोजित तीन दिवसीय जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 45 शिकायतों की सुनवाई की गई। इनमें से दोनों पक्षों की मौजूदगी में 26 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि आयोग का उद्देश्य अनुसूचित जाति समाज […] The post Uttarakhand:-अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार की अध्यक्षता में आयोग कार्यालय में आयोजित तीन दिवसीय जनसुनवाई कार्यक्रम में सुनी गई 45 शिकायतें,26 शिकायतों का मौके पर किया गया निस्तारण appeared first on संवाद जान्हवी.
उत्तराखंड में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में अनुसूचित जाति आयोग की तीन दिवसीय जनसुनवाई के दौरान 45 शिकायतों की सुनवाई की गई, जिसमें 26 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। यह कार्यक्रम आयोग कार्यालय में आयोजित किया गया था।
उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार की अध्यक्षता में देहरादून में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम का उद्देश्य पीड़ित एवं वंचित वर्ग के लोगों को त्वरित न्याय प्रदान करना है। अधिक जानने के लिए, यहां क्लिक करें.
जनसुनवाई के प्रमुख बिंदु
इस कार्यक्रम में शिकायतों की सुनवाई के लिए दोनों पक्षों की मौजूदगी अत्यंत महत्वपूर्ण थी। जनसुनवाई के दौरान मुकेश कुमार ने कहा कि आयोग का मुख्य लक्ष्य अनुसूचित जाति समाज के लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यों को जिम्मेदारीपूर्वक निभाएं ताकि आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आयोग के पास आने की आवश्यकता न पड़े।
बड़ी संख्या में शिकायतें और उनके समाधान
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में कुल 45 शिकायतों पर सुनवाई की गई, जिनमें से 26 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। आयोग के सचिव कविता टम्टा ने बताया कि इस कार्यक्रम में विभिन्न जिलों जैसे टिहरी, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर के निवासियों की समस्याओं को सुना गया।
शिकायतों में अनुसूचित जाति परिवारों की भूमि से अवैध कब्जा हटाने, भूमि पैमाइश, उत्पीड़न, आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवा से न हटाने, भूमि का मालिकाना हक, पदोन्नति और जातिगत भेदभाव जैसी समस्याएं शामिल थीं। इस अवसर पर आयोग के सदस्य विशाल मुखिया, सुनीता देवी, भागीरथी कुंजवाल और विधि सलाहकार राजू मेहर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
सरकारी योजनाओं का लाभ
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि उनकी टीम निरंतर प्रयासरत है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को आयोग द्वारा दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए। इसकी आवश्यकता इसलिए भी है ताकि शिकायतों का समाधान त्वरित और प्रभावी तरीके से किया जा सके।
निष्कर्ष
इस जनसुनवाई का सफल आयोजन दर्शाता है कि उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग अपने कार्यों में कितना सक्रिय है और कैसे वह अनुसूचित जाति समाज के कल्याण के लिए सजग है। इस तरह के कार्यक्रम na केवल लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं, बल्कि समाज की न्याय प्रणाली को भी सुदृढ़ बनाते हैं।
हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अनुसूचित जाति आयोग द्वारा प्रदान किया जा रहा समर्थन लीक से हटकर न होकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
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सादर,
टीम हक़ीक़त क्या है
राधिका शर्मा
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