अडानी पॉवर को लेकर कांग्रेस और भाजपा में शक्ति प्रदर्शन
The post अडानी पॉवर पर झलकी कांग्रेस-भाजपा की ‘पावर’ appeared first on Avikal Uttarakhand. कांग्रेस की तुलना में धामी सरकार ने किया सस्ती बिजली का किया इंतजाम कांग्रेस ने 11.26 रुपए, भाजपा ने किया 5.74 रुपए प्रति यूनिट का करार ऊर्जा प्रदेश बनाने को… The post अडानी पॉवर पर झलकी कांग्रेस-भाजपा की ‘पावर’ appeared first on Avikal Uttarakhand.
अडानी पॉवर को लेकर कांग्रेस और भाजपा में शक्ति प्रदर्शन
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कम शब्दों में कहें तो, कांग्रेस और भाजपा के बीच अडानी पावर को लेकर तीखी प्रतिस्पर्धा जारी है। धामी सरकार ने सस्ती बिजली का ऐलान किया है, जबकि कांग्रेस की पुरानी दरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
देहरादून: अडानी पावर के साथ 1320 मेगावाट के थर्मल पावर करार को लेकर विपक्ष से उठते सवालों पर भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के महंगे गैस पावर सौदों की वजह से राज्य को प्रति यूनिट 11.26 रुपये भुगतान करना पड़ता है।
कांग्रेस के महंगे करार बनाम भाजपा का सस्ता प्लान
महेंद्र भट्ट ने यह जानकारी दी कि भाजपा ने 5.74 रुपये प्रति यूनिट पर थर्मल पावर का करार किया है, जो अगले 25 वर्षों के लिए मान्य होगा। विपक्ष की मुखिया यशपाल आर्य को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के टाइम में पावर सेक्टर में केवल लूट हुई थी, जबकि धामी की भाजपा सरकार ने सस्ती बिजली की व्यवस्था करने के साथ-साथ उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश बनाने के लक्ष्य पर काम किया है।
ऊर्जा प्रदेश बनाने की दिशा में धामी सरकार की पहल
भट्ट ने दावा किया कि कांग्रेस के कार्यकाल में काशीपुर के गैस पावर प्लांटों से मिल रही महंगी बिजली की दरों के कारण आज राज्य को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जबकि भाजपा ने विश्वसनीय थर्मल पावर का करार किया है, जो उत्तरी भारत में सबसे सस्ते करारों में से एक है।
उन्होंने यह भी बताया कि अडानी पावर को कोल ब्लॉक व मुफ्त में नहीं मिला है, बल्कि केंद्र सरकार के दिए गए कोल ब्लॉक का ही उपयोग किया जाएगा, जिससे उत्तराखंड को सस्ती बिजली मिल सकेगी।
भविष्य की जरूरतें और उत्पादन का बढ़ता स्तर
भट्ट ने कहा कि मानसून या प्राकृतिक आपदा के समय हाइड्रो और सोलर उत्पादन प्रभावित होते हैं, लेकिन थर्मल पावर इस अवधि में सबसे विश्वसनीय विकल्प माना जाता है। उन्होंने कांग्रेस की पुरानी शासन में बिजली कटौती के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे आज धामी सरकार की ओर से 24 घंटे बिजली की सप्लाई मिल रही है।
भट्ट ने कहा कि धामी सरकार ने सोलर, हाइड्रो, जियो थर्मल और पंप स्टोरेज पावर प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है, जिससे उत्तराखंड में आने वाले वर्षों में बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अब उत्तराखंड राज्य अपनी बिजली जरूरतों को ही पूरा नहीं करेगा, बल्कि अन्य राज्यों की मदद भी करेगा।
इन सभी परियोजनाओं से राज्य में लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और विकास कार्यों को गति मिलेगी। इन योजनाओं के सृजन से स्थानीय क्षेत्र विकास निधियों का भी अपव्यय होगा, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों में मदद मिलेगी।
इन योजनाओं की सफलता से यह स्पष्ट है कि धामी सरकार उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में एक मजबूत स्वरूप देने की दिशा में अग्रसर है। इससे ना केवल राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि बिजली उत्पादन भी उत्साहजनक स्तर पर पहुंचेगा।
निष्कर्ष
अडानी पावर के साथ भाजपा के करार ने कांग्रेस के पास मौजूद महंगे करारों को चुनौती दी है। इस मामले में आगे क्या विकास होता है, यह देखना होगा। लेकिन धामी सरकार की पहल निश्चित रूप से उत्तराखंड के ऊर्जा क्षेत्र में नये आयाम स्थापित कर सकती है।
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Signed off by: प्रिया शर्मा, Team Haqiqat Kya Hai
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