सूर्य देवभूमि चैलेंज: सीएम धामी ने किया सम्मान, पहाड़ के होनहार दिगंबर ने 113 किमी की मैराथन जीती
SRINAGAR: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय, चौरास परिसर, टिहरी में भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। सूर्य देवभूमि चैलेंज में भारतीय सेना के 100 जांबाज़ जवानों के साथ देशभर से आए लगभग 200 साहसिक ट्रैकर्स ने प्रतिभाग किया। […] The post सूर्य देवभूमि चैलेंज’ में शामिल हुए सीएम धामी, पहाड़ के बेटे ने जीती, 113 किमी की मैराथन appeared first on Devbhoomi Dialogue.
सूर्य देवभूमि चैलेंज: सीएम धामी ने किया सम्मान, पहाड़ के होनहार दिगंबर ने 113 किमी की मैराथन जीती
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज के समापन समारोह में हिस्सा लिया, जहां चमोली के दिगंबर कुंवर ने कठिन 113 किमी की मैराथन जीतकर सभी को चौंका दिया। यह प्रतियोगिता भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त तत्वावधान में हुई थी।
सुरुचि व चैलेंज की अनोखी प्रतियोगिता
सोमवार को, सीएम धामी ने गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर, टिहरी में आयोजित इस विशेष अवसर पर कहा कि यह आयोजन साहस और समर्पण के प्रतीक के रूप में उभरा है। इस प्रतियोगिता में भारतीय सेना के 100 जांबाज़ जवानों के साथ लगभग 200 साहसिक ट्रैकर्स ने भाग लिया। चमोली के कलगोठ से ताल्लुक रखने वाले दिगंबर कुंवर ने इस कठिन पर्वतीय दौड़ को महज 12 घंटे में पूरा किया, जो कि देश की अन्य प्रतिभागियों के लिए एक उदाहरण है।
दौड़ की चुनौती: सुंदरता और कठिनाई
यह मैराथन हेलंग से शुरू होकर बंसीनारायण, कलगोट, रुद्रनाथ, अनसूया माता, मंडल, तुंगनाथ, चोपता और देवरियाताल जैसे दुर्गम क्षेत्रों से होते हुए ऊखीमठ में समाप्त हुई। पूरे मार्ग में बर्फ से ढके पहाड़ और ऊंचे बुग्यालों के बीच दौड़ना एक चुनौतीपूर्ण अनुभव था। दिगंबर ने अपनी अदम्य क्षमता और उत्कृष्ट फिटनेस का प्रमाण देते हुए इस कठिन चुनौती को पार किया। 300 के ऊपर प्रतिभागियों के बीच उनकी प्रदर्शन ने सभी को हैरान कर दिया।
सीएम धामी ने विजेता को किया सम्मानित
सीएम धामी ने दिगंबर को गोल्ड मेडल पहनाया और पुरस्कार देने का भी अवसर लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की साहसिक प्रतियोगिताओं से न केवल प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि यह उन्हें अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना से भी जोड़ती है।
राज्य की पर्यटन नीति में नया बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि ये आयोजन सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने में मदद करेगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत का युवा आत्मविश्वास से भरा हुआ है, और हमारा देश साहसिक खेलों और पर्यटन में वैश्विक पहचान बना रहा है।
आगामी योजनाएं और विकास
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के तहत वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत सीमावर्ती गांवों को विकास और सशक्तिकरण के दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने अनेक साहसिक खेलों को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा देने की प्रक्रिया में है, जैसे कि एंगलिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग, ट्रेकिंग और माउंटेनियरिंग।
युवाओं के लिए नया अवसर
इस आयोजन की जानकारी देते हुए मेजर पुष्पेंद्र सिंह गढ़वाल स्काउट ने कहा कि यह प्रतियोगिता सीमांत क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता की शुरुआत 16 अप्रैल को बद्रीनाथ के एक्सपो से हुई, और इसके बाद कई चरणों में यह प्रतियोगिता संपन्न हुई।
सीएम धामी ने सभी प्रतिभागियों और विजेताओं का आभार व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह अनुपम अवसर है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
इस प्रकार के आयोजन वास्तव में न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत और अखंडता को भी संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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सादर,
टीम हकीकत क्या है,
राधिका शर्मा
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