पौड़ी में मलबा गिरने से तीन की मौत, तहसीलदार ने दी राहत की सूचना
The post पौड़ी में अतिवृष्टि से मकान पर गिरा मलबा, मासूम समेत तीन की मौत appeared first on Avikal Uttarakhand. द्वारीखाल ब्लाक के महर गांव में आयी आपदा से दहशत का माहौल मृतकों के परिजनों को 14 लाख रुपये की राहत अविकल उत्तराखण्ड पौड़ी।जिले के द्वारीखाल ब्लाक के महर गांव… The post पौड़ी में अतिवृष्टि से मकान पर गिरा मलबा, मासूम समेत तीन की मौत appeared first on Avikal Uttarakhand.
पौड़ी में अतिवृष्टि से मकान पर गिरा मलबा, मासूम समेत तीन की मौत
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कम शब्दों में कहें तो, पौड़ी जिले के महर गांव में भारी वर्षा के चलते आए भूस्खलन में तीन व्यक्तियों की जान चली गई। मृतकों के परिजनों को 14 लाख रुपये की राहत दी जाएगी।
पौड़ी। द्वारीखाल ब्लाक स्थित महर गांव में मंगलवार सुबह आए भूस्खलन ने एक दो मंजिला भवन को मलबे में समां जाने के लिए मजबूर कर दिया। इस घटना में धीरेंद्र सिंह, मथुरा देवी और एक 2 साल का बच्चा दुखद रूप से मौत के शिकार हो गए। बच्चा अपने दादा-दादी के घर छुट्टियों के लिए आया था। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
मलबे में दबे व्यक्तियों की तलाश
भवन के मलबे में दबे तीन लोगों के शवों की तलाश के लिए जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर एक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। मंगलवार की शाम तीनों के शवों को बरामद कर लिया गया और पुलिस ने शवों को अपने नियंत्रण में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी।
जिला प्रशासन की तत्परता
जिला प्रशासन ने घटना की जानकारी मिलते ही राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने का निर्णय लिया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया अपने सहयोगियों के साथ कई किलोमीटर की पैदल यात्रा करके महर गांव पहुंचीं और वहां राहत कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने घटनास्थल पर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि इस कठिनाई के समय में जिला प्रशासन उनके साथ है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मृतकों के परिजनों को राहत राशि
जिला प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को तुरंत राहत राशि उपलब्ध कराई गई है। हर मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये और क्षतिग्रस्त भवन के लिए दो लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। इस प्रकार कुल 14 लाख रुपये की राहत राशि परिवारों को दी जाएगी।
जरूरी सेवाओं की बहाली
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र में विद्युत और पेयजल आपूर्ति सहित अन्य आवश्यक सेवाओं को जल्द बहाल करने के लिए निर्देश दिए। इसके अलावा, जारी मार्गों को क्रेन और मशीनरी के माध्यम से तुरंत खोलने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
क्षेत्र पंचायत सदस्य और पूर्व ब्लाक प्रमुख महेंद्र राणा के अनुसार, प्रभावित परिवारों के मवेशियों के लिए चारे की भी व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत, और पेयजल विभाग की टीमें मौके पर व्यवस्थाओं को सामान्य बनाने की कोशिश कर रही हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिला प्रशासन निरंतर अतिवृष्टि की स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुँचाने का कार्य कर रहा है।
इस तरह के प्राकृतिक आपदाओं के प्रति प्रशासन की तत्परता और सक्रियता वास्तव में प्रशंसा योग्य है। ऐसे समय में जब समाज की सुरक्षा और सहानुभूति की जरूरत होती है, जिला प्रशासन ने इस बात का ध्यान रखा है कि किसी भी प्रभावित परिवार को अकेला न छोड़ा जाए।
मौके पर एडीएम एफआर चौहान, उपजिलाधिकारी रेखा आर्य, तहसीलदार लैंसडाउन विद्यादत्त सेमवाल और प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवर सहित एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की टीमें मौजूद रहकर आवश्यक कदम उठा रही हैं।
इसके अलावा, हम सभी को सावधान रहना चाहिए क्योंकि ऐसा मौसम असामान्य नहीं है। स्थानीय निवासियों को इस प्रकार की आपदाओं से बचने के लिए हमेशा तैयार रहने की आवश्यकता है।
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सादर,
टीम हकीकत क्या है
सुमन गुप्ता
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