उत्तराखंड में ईपीएफओ की सफलताएँ: योगदान, योजनाएँ और डिजिटल पहलों की समीक्षा
The post उत्तराखंड क्षेत्र की ईपीएफओ उपलब्धियां गिनाईं appeared first on Avikal Uttarakhand. उत्तराखंड में 9,744 अंशदायी प्रतिष्ठान एवं 7.74 लाख से अधिक अंशदायी सदस्य ईपीएफओ से जुड़े “संवेदना” सेल की सराहना, मृत्यु दावों के त्वरित एवं संवेदनशील निस्तारण की पहल पूरे जोन… The post उत्तराखंड क्षेत्र की ईपीएफओ उपलब्धियां गिनाईं appeared first on Avikal Uttarakhand.
उत्तराखंड में ईपीएफओ की सफलताएँ: योगदान, योजनाएँ और डिजिटल पहलों की समीक्षा
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपनी उपलब्धियों को उजागर करते हुए क्षेत्र में मजबूती से काम करने का संकल्प लिया है।
देहरादून: शुक्रवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजय के. मेहरा ने उत्तराखंड क्षेत्र की प्रगति को साझा किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में वर्तमान में 9,744 अंशदायी प्रतिष्ठान और 7.74 लाख से अधिक अंशदायी सदस्य ईपीएफओ से जुड़े हुए हैं।
संवेदना सेल की पहल
अजय मेहरा ने विशेष रूप से “संवेदना” सेल की सराहना की, जो मृत्यु दावों के त्वरित एवं संवेदनशील निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहल पूरे जोन में लागू की जाएगी, ताकि हितधारकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएँ प्रदान की जा सकें।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY)
इसके अलावा, मेहरा ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) के बारे में जानकारी दी। यह योजना भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
ईपीएफ आंशिक निकासी प्रावधानों में सुधार
ईपीएफओ ने सदस्यों के सरल जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आंशिक निकासी प्रावधानों को सरल बनाया है। अब सदस्यों को शिक्षा और विवाह के लिए अधिक बार निकासी की सुविधा प्राप्त होगी। पहले जहां दोनों के लिए केवल तीन बार निकासी का प्रावधान था, वहीं अब इसे बढ़ाकर क्रमशः 10 और 5 बार कर दिया गया है।
CITES प्रणाली का विकास
मेहरा ने ईपीएफओ के डिजिटल इको-सिस्टम को मज़बूत करने के लिए CITES (Centralised IT Enabled System) की जानकारी भी दी। यह प्रणाली प्रक्रियाओं के स्वचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे दावों के निपटान में तेजी आएगी।
सारांश
इस प्रेस वार्ता के दौरान विभिन्न अधिकारियों की उपस्थिति में कई वर्षों से लंबित EDLI Exemption प्रकरण का भी सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। मेहरा ने सभी लंबित मामलों के त्वरित निपटान पर जोर दिया, जिससे कि भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
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इस जानकारी का उद्देश्य है उत्तराखंड में ईपीएफओ की सफलताओं और पहलों को उजागर करना। आपके विचार और सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।
सादर,
टीम हक़ीक़त क्या है - नेहा शर्मा
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