उत्तराखंड में ISI हैंडलर की गिरफ्तारी: पीएम मोदी के दौरे से पहले बड़ा खुलासा
DEHRADUN: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने राजधानी देहरादून में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एक सक्रिय हैंडलर को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी लंबे समय से दून में छिपकर रह रहा था और सीमा पार बैठे अपने आकाओं के इशारे पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। […] The post PM मोदी के दौरे से पहले पकड़ा गया ISI का हैंडलर, पाकिस्तान भेज रहा था सैन्य ठिकानों की लोकेशन appeared first on Devbhoomi Dialogue.
उत्तराखंड में ISI हैंडलर की गिरफ्तारी: पीएम मोदी के दौरे से पहले बड़ा खुलासा
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने देहरादून में एक सक्रिय ISI हैंडलर को गिरफ्तार कर आतंक रोधी अभियान में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। विक्रांत कश्यप नामक आरोपी ने पाकिस्तान के निर्देश पर सैन्य ठिकानों की लोकेशन मुहैया कराई थी।
DEHRADUN: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने देहरादून में एक महत्वपूर्ण छापेमारी करते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एक सक्रिय हैंडलर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी विक्रांत कश्यप, जो कि लंबे समय से देहरादून में रह रहा था, सीमा पार अपने आकाओं के इशारे पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त था। यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा सिग्नल है और अब इसकी और ज्यादा गहनता से जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी के दौरान, विक्रांत के पास से एक अवैध पिस्टल (0.32 बोर), 7 जीवित कारतूस और एक स्प्रे पेंट की कैन बरामद की गई है। एसएसपी STF अजय सिंह ने बताया कि विक्रांत ISI एजेंट शहजाद भट्टी और उसके साथी राणा के साथ इन्स्टाग्राम तथा व्हाट्सअप पर संपर्क में था। इससे यह स्पष्ट होता है कि वह सीधे तौर पर पाकिस्तान से निर्देश ले रहा था।
दुश्मन के इशारों पर चल रहा था विक्रांत
विक्रांत ने देहरादून की एक कार वर्कशॉप में मैकेनिक के रूप में काम किया, जिससे उसकी गतिविधियों पर किसी को शक न हो सके। लेकिन इसी काम के पीछे उसकी असली पहचान और गतिविधियाँ छिपी हुई थीं। उसकी योजनाओं में 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' संगठन का प्रचार-प्रसार करना भी शामिल था, जिससे वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने की कोशिश कर रहा था। जांच में कई डिजिटल प्रमाण सामने आए हैं जो उसके आतंकवादी संगठनों के मामलों में संलिप्त होने की पुष्टि करते हैं।
उपकरणों का आतंकवादी गतिविधियों में उपयोग
पुलिस ने विक्रांत से पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि वह पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का बड़ा फैन था और उसकी हत्या से नाराज होकर उसने शहजाद भट्टी के संपर्क में आकर कई कार्य किए। ISI के आदेश पर विक्रांत ने देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के महत्वपूर्ण स्थानों की वीडियो बनाकर उन स्थानों की सूचनाएँ पाकिस्तान भेजी। विक्रांत को आतंक फैलाने के लिए कई स्थानों पर 'TTH' लिखने का टास्क दिया गया था।
इसके अलावा, उसे दिल्ली स्थित एक संगठन के कार्यकर्ताओं और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पर हैंड ग्रेनेड फेंकने का भी टास्क सौंपा गया था। इस सबके बदले उसे नेपाल के रास्ते दुबई में बसने और अच्छा पैसा मिलने का प्रलोभन दिया गया था। यह सब तथ्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।
जानकारी का बड़ा नेटवर्क
गिरफ्तार विक्रांत कश्यप का यह कृत्य महज एक आतंकवादी योजना नहीं है बल्कि यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। सुरक्षा एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके सहायक कौन थे और उसने किन-किन महत्वपूर्ण जानकारियों को सीमा पार भेजा, यह जांच का विषय है।
सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए अपनी संपूर्ण क्षमताओं को विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य यह है कि ऐसे तत्वों को पहचान कर उन्हें निष्क्रिय किया जा सके जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।
रक्षा मंत्रालय और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब विशेष रूप से इस मामले पर निगरानी रख रही हैं ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह मामला प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले आ रहा है, जिससे सुरक्षा के मुद्दे और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।
इस रिपोर्ट से पता चलता है कि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण है। विक्रांत की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि यदि हम सतर्क रहें, तो देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
इसके अलावा, यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि राष्ट्र के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान देना चाहिए।
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