सीएम धामी ने देहरादून साइंस सिटी को विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए की महत्वपूर्ण घोषणाएं

13 July 2026. Dehradun. मुख्यमंत्री धामी ने किया देहरादून साइंस सिटी निर्माण कार्यों का निरीक्षण, यूकॉस्ट परिसर में स्टार्टअप सेंटर के लिए भूमि देने की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी Continue Reading » The post सीएम धामी बोले, देहरादून साइंस सिटी बनेगी विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र, विज्ञान एवं नवाचार नीति पर विशेषज्ञों के साथ किया सार्थक संवाद appeared first on Mirror Uttarakhand.

Jul 14, 2026 - 00:39
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सीएम धामी ने देहरादून साइंस सिटी को विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए की महत्वपूर्ण घोषणाएं
सीएम धामी ने देहरादून साइंस सिटी को विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए की महत्वपूर्ण घोषणाएं

सीएम धामी का महत्वाकांक्षी सपना - देहरादून साइंस सिटी बनेगी विज्ञान और नवाचार का केंद्र

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून साइंस सिटी की निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और इसे विज्ञान एवं नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए गंभीर संवाद आयोजित किया।

13 जुलाई 2026 को, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) में देहरादून साइंस सिटी के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर, उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति (STIP) पर विशेषज्ञों के साथ एक सार्थक संवाद में भी भाग लिया।

साइंस सिटी के महत्व पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने इस प्रोजेक्ट की प्रगति के बारे में बताते हुए कहा कि देहरादून साइंस सिटी का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल उत्तराखंड के लिए नहीं, बल्की देश के सभी विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनेगी। यहाँ युवाओं को अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी, जो उनके नवोन्मेषी विचारों को विकसित करने में मदद करेंगी।

उन्होंने कार्यक्रम में ‘विज्ञान सेतु’ नामक एक परिकल्पना के अंतर्गत सामुदायिक विज्ञान रेडियो ‘विज्ञान वाणी’, ‘विज्ञान दृश्यम’ और ‘विज्ञान धारा’ का लोकार्पण किया। यह प्रयास विज्ञान को आम जनजीवन से जोड़ने के लिए किया गया है, जिससे जटिल ज्ञान को अंतिम कोने तक पहुंचाया जा सके।

तकनीकी नेतृत्व की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में हरेला सप्ताह मनाया जा रहा है, जो प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस संदर्भ में, उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संकट से निबटने के लिए नीति और प्रौद्योगिकी में नेतृत्व का विकास आवश्यक है। रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती हुई तकनीकों का सही उपयोग करके हमें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी होगी।

उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिस पर चर्चा

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि कई राज्यों ने उत्तराखंड को विभिन्न क्षेत्र में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में देखा है। उन्होंने सिलल्यारा टनल में फंसे श्रमिकों ने निकालने के सफल अभियान का उदाहरण दिया, जिसे ब्रिक्स सम्मेलन में सराहा गया। वे युवा प्रतिभा को सही दिशा में ले जाना चाहते हैं ताकि उत्तराखंड देश के विकास का एक आदर्श मॉडल बन सके।

विज्ञान और अनुसंधान का महत्व

धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विचार पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और अनुसंधान का विकास ही इस संकल्प की आधारशिला है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से भारत अब स्टार्टअप इंडिया और नेशनल क्वांटम मिशन जैसे अभियानों के साथ आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड सरकार भी इस पहलू को ध्यान में रखकर काम कर रही है।

स्थानीय समाधान और नई पॉलिसी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियों का स्थानीय और वैज्ञानिक समाधान ढूंढना चाहिए। सरकार ने नई नीति बनाई है जिसका उद्देश्य एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहाँ युवा ‘जॉब क्रिएटर’ बन सके।

स्टार्टअप सेंटर का विकास

उन्हें स्टार्टअप सेंटर के विकास की भी घोषणा की। यह पहल न केवल नए विचारों को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि युवाओं को भविष्य की तकनीकों जैसे AI, रोबोटिक्स, और ड्रोन टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षित भी करेगी। यूकॉस्ट परिसर में स्टार्टअप सेंटर के लिए भूमि उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई।

इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों, विभागाध्यक्षों और वैज्ञानिकों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन और भी महत्वपूर्ण बन गया।

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